अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। प्रदेश के मौसम में उतार-चढ़ाव जारी है। पुंछ में मेंढर के संजयोट गांव में वीरवार देर रात भारी बारिश के चलते हुए भूस्खलन से छह घर क्षतिग्रस्त हो गए। दो घर जमींदोज हो गए हैं।
हालांकि, जानी नुकसान से बचाव हो गया। प्रदेश में 21 जुलाई से मौसम में बड़ा बदलाव होने की चेतावनी विभाग ने जारी की है। भारी बारिश होने की आशंका भी जताई है। विभाग ने इसके लिए आठ जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में 115 मिलीमीटर से 215 मिलीमीटर तक बारिश हो सकती है।
मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार यह अलर्ट 23 जुलाई तक रहेगा। इस दौरान फ्लैश फ्लड, भूस्खलन, पहाड़ी से पत्थर गिरने और बाढ़ आने की संभावना रहेगी। मौसम विज्ञान विभाग ने नदी और नालों के किनारे रहने वाले लोगों को खास एहतियात बरतने की सलाह दी है। इसके अलावा स्थानीय प्रशासन से भी पीडब्ल्यूडी, जलशक्ति और बिजली विभाग को आगामी चुनौतियों के लिए तैयार रहने का आह्वान किया है। इसके अलावा एनएचएआई को भी संभावित भूस्खलन वाली जगहों पर जेसीबी समेत आवश्यक मशीनों को तैनात करने के निर्देश जारी किए गए हैं। मौसम विज्ञान विभाग ने जिन जिलों को लेकर अलर्ट जारी किया है, उनमें जम्मू, कठुआ, सांबा, डोडा, रामबन, रियासी, राजोरी और उधमपुर शामिल हैं। इन जिलों में भारी बारिश की वजह से नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी होने की संभावना रहेगी। आपदा प्रबंधन विभाग ने नदी और नालों के किनारे बसे और मछुआरों को नदी में न जाने की सलाह दी है।
मौसम विज्ञान विभाग का अलर्ट मिलने के बाद एनएचएआई ने भूस्खलन संभावित इलाकों में अपनी मशीनरी तैनात कर दी है। नेशनल हाईवे पर उधमपुर से रामबन तक एनएचएआई ने इंजीनियरों, कर्मचारियों और जेसीबी ऑपरेटर्स को अलर्ट पर रहने की सलाह दी है, ताकि किसी भी तरह की आपदा में तत्काल राहत पहुंचाई जा सके। एनएचएआई के क्षेत्रीय अधिकारी आरएस यादव ने बताया कि नेशनल हाईवे में भूस्खलन संभावित जगहों पर मशीनरी तैनात कर दी गई है और कर्मचारियों को अलर्ट पर रखा गया है।