अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। विधानसभा सत्र के बीच रविवार को सीएम उमर अब्दुल्ला ने एलजी मनोज सिन्हा से मुलाकात की। राजभवन ने इसे शिष्टाचार मुलाकात बताकर ज्यादा जानकारी साझा नहीं की है। पर, राजनीतिक हलकों में इसके कई मायने निकाले जा रहे हैं। क्योंकि सरकार ने बिजनेस रूल को उपराज्यपाल की मंजूरी के लिए भेजा है।
दूसरी तरफ विधानसभा में एलजी के शासनकाल पर नेकां विधायकों ने तीखे हमले किए हैं। सीएम-एलजी की इस मुलाकात को उससे जोड़कर भी देखा जा रहा है। रविवार को करीब दस मिनट की इस मुलाकात का एजेंडा तो सार्वजनिक नहीं था, लेकिन कयास लगाए जा रहे हैं कि बिजनेस रूल पर चर्चा हुई है। नेकां सरकार ने जम्मू-कश्मीर के लिए प्रस्तावित बिजनेस रूल को मंजूरी के लिए उपराज्यपाल के पास भेजा है। कैबिनेट ने इसे मंजूरी दी है, लेकिन राजभवन से अभी तक मंजूरी नहीं मिली है। बिजनेस रूल के परिभाषित होने से निर्वाचित सरकार और उपराज्यपाल के कार्यालय के बीच शक्तियों के विभाजन की रूपरेखा तैयार होने की उम्मीद है।
सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री का राजभवन दौरा पूर्व निर्धारित नहीं था। इस अचानक हुई मुलाकात ने प्रदेश में बिजनेस रूल के बारे में अटकलों को तेज किया है। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने छह मार्च को घोषणा की थी, सरकार ने केंद्र शासित प्रदेश के प्रशासन के लिए बिजनेस रूल को तय किया है। वहीं, विधानसभा सत्र में उपराज्यपाल पर सीधे हमले भी हुए हैं।
नेकां के विधायकों ने प्रदेश में बढ़ते अवैध खनन, जल जीवन मिशन में घोटाले का आरोप लगाया है। मुख्यमंत्री व मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से इस बारे में कोई जानकारी साझा नहीं की गई है। यह मुलाकात 15 मिनट की रही।