- रियासी, रामबन, जम्मू, उधमपुर, सांबा, कठुआ रहेंगे सबसे अधिक प्रभावित
- बाढ़, भूस्खलन और पहाड़ों से पत्थर गिरने का खतरा
- धुंध के कारण कटड़ा-सांझीछत चाॅपर सेवा लगातार बाधित
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। जम्मू संभाग में सक्रिय हुए मानसून से मंगलवार को कई हिस्सों में झमाझम बारिश हुई। अगले दो दिन संभाग में भारी से भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। इस अवधि में 100 से 200 मिलीमीटर तक बारिश होने से बादल फटने का खतरा है। रियासी, रामबन, जम्मू, उधमपुर, सांबा, कठुआ जिला सबसे ज्यादा प्रभावित रहेंगे।
मौसम विज्ञान केंद्र श्रीनगर ने खराब मौसम से भूस्खलन, पहाड़ों से पत्थर गिरने और बाढ़ के खतरे की आशंका जताई है। लोगों को नदी-नालों के पास न जाने की सलाह दी गई है। किसानों को भी कृषि गतिविधियां स्थगित करने को कहा गया है।
जम्मू में मंगलवार को दिनभर हल्के बादल छाए रहे। शाम पांच बजे तेज हवाओं और काली घटाओं के साथ कई हिस्सों में झमाझम बारिश हुई। यहां दिन का पारा 33.9 और न्यूनतम 24.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। कटड़ा में 30.2 और भद्रवाह में 28.6 डिग्री सेल्सियस पारा दर्ज किया गया। रियासी और राजोरी में दोपहर को तेज बारिश हुई। कटड़ा-सांझीछत चाॅपर सेवा के लिए मंगलवार सुबह कुछ उड़ाने उड़ीं, लेकिन धुंध होने पर बाद में चापर सेवा बाधित रही।
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बीते दिन गुरेज में बादल
फटा, कोई नुकसान नहीं
कश्मीर में तपिश जारी है। श्रीनगर में दिन का पारा सामान्य से थोड़ा चढ़कर 31.0 और न्यूनतम 19.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पहलगाम में अधिकतम तापमान 27.6 और गुलमर्ग में 21.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। घाटी के गुरेज सेक्टर में बीते सोमवार की शाम बादल फटने की घटना हुई। इससे पहाड़ों से अचानक पानी नीचे आया। एक प्रशासनिक अधिकारी ने बताया कि इससे कोई नुकसान की सूचना नहीं है। बादल फटने की तीव्रता कम थी।
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कहां-कितनी बारिश (मिलीमीटर में)
राजोरी 56
कटड़ा 47.5
जम्मू 40.0
श्रीनगर 31.3
बटोत 3.4
भद्रवाह 4.1
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एक घंटे में 100 मिलीमीटर
बारिश होने पर फटता है बादल
मौसम विज्ञान केंद्र श्रीनगर के निदेशक डाॅ. मुख्तियार अहमद के अनुसार, अगर किसी स्थान पर एक घंटे में 100 मिलीमीटर तक बारिश हो तो उसे बादल फटना कहा जाता है। पहाड़ी इलाकों में बादल फटने की अधिक आशंका रहती है। इस मानसून में जम्मू संभाग में अभी तक कहीं बादल फटने की घटना नहीं हुई है। कुछ इलाकों में भारी बारिश हो रही है।