केसर की खेती ने कठुआ जिले में दम तोड़ दिया है। छह वर्ष पहले ट्रायल के तौर पर बनी और डुग्गन ब्लॉक के 14 सर्कल में इसकी खेती शुरू की गई थी लेकिन मुफीद मौसम न मिलने से किसान पीछे हट गए हैं।
ट्रायल के पहले ही साल किसानों को सफलता मिली थी। कृषि विभाग ने भी 12 क्विंटल बीज किसानों में निशुल्क वितरित किए थे। वहीं अगले वर्ष 18 क्विंटल बीज बांटे गए थे लेकिन मुफीद मौसम न मिलने से किसानों की मेहनत धरी की धरी रह गई। ऐसे में पिछले तीन सालों से इलाके में केसर की खेती नहीं हो पाई है।
केसर की खेती से जुड़े किसानों ने बताया कि उनके इलाके में कुछ साल पहले विभाग द्वारा किसानों को इस खेती के प्रति प्रोत्साहित करने का प्रयास किया गया था। पहले साल परिणाम अच्छे रहे जिसे देखते हुए और भी कई किसान इस तरफ आकर्षित हुए थे।
लेकिन दूसरे वर्ष में केसर के बल्ब पहले वर्ष से भी कम हुए और किसानों की मेहनत व्यर्थ हो गई। तीसरे साल तो हालत इससे भी बदतर हो गए। ऐसे में पिछले तीन सालों में केसर की खेती ने पूरी तरह दम तोड़ दिया है।