परगवाल। जुलाई में सूर्य देवता के आग उगलने से तापमान बढ़ने के साथ ही बिजली की अनियमित कटौती का सिलसिला जारी है। भीषण गर्मी में लोड बढ़ गया है। ट्रांसफार्मर हांफने लगे हैं। बिजली की आंख मिचौनी व अनियमित कटौती के अलावा लो वोल्टेज सबसे ज्यादा सिर दर्द बनी हुई है। बिजली पर चलने वाले उपकरण रेंगने लगे हैं। सबसे ज्यादा परेशानी किसानों को उठानी पड़ रही है।
गर्मी के बीच खेतों में काम करने के बाद घर पहुंचने पर बिजली बंद मिलती है। ऐसे में गांवों में लगे वृक्ष लोगों को गर्मी से राहत देने का काम कर रहे हैं। मौजूदा समय सीमा क्षेत्र परगवाल में ज्यादातर ग्रामीण दोपहर को वृक्षों के नीचे आराम करते हुए देखे जा सकते हैं। स्थानीय निवासी बोधराज का कहना था कि जब वह खेत से काम करके घर में आराम करने के लिए लौटते हैं तो आगे बिजली बंद मिलती है। इसलिए वह रोज दोपहर को पीपल के वृक्ष के नीचे छांव में गर्मी से राहत पाने की कोशिश करते हैं। उन्होंने पीपल के पेड़ की छांव में सुकून मिलने की बात कही। गणेश सिंह का कहना था कि क्षेत्र में पड़ रही गर्मी के बीच बिजली कटौती सिरदर्द बनी हुई है। इस समय पेड़ ही उनका सहारा बने हुए हैं। उन्होंने लोगों से क्षेत्र में ज्यादा से ज्यादा संख्या में पेड़ लगाने की अपील भी की।
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परगवाल में पीपल के वृक्ष के नीचे गर्मी से राहत पाने की कोशिश में ग्रामीण