जम्मू-कश्मीर से 5 अगस्त 2019 को अनुच्छेद 370 के हटने के बाद से घाटी में पहली बार नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष एवं सांसद डॉ. फारूक अब्दुल्ला ने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की बैठक बुलाई। बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए डॉ. फारूक ने हिरासत में लेने के बारे में पूछे गए सवाल पर कहा कि खुदा हमारा उद्धारकर्ता है। वह जम्मू-कश्मीर की स्वायत्तता हासिल करने के लिए संबंधित गुपकार डिक्लेरेशन पर चुप नहीं बैठने वाले हैं।
डॉ. फारूक ने कहा कि हम असहाय नहीं हैं। सरकार झूठ बोल रही है। सभी नेता आजाद नहीं हैं। अभी भी करीब 16 नेता ऐसे हैं जो घरों में नजरबंद हैं। उन्हें घरों से निकलने की अनुमति नहीं है। मैं ऊपर वाले का शुक्रिया अदा करता हूं कि मेरे साथ बैठे नेता आजाद हैं। जब बाकी के नेताओं को रिहा कर दिया जाएगा, उसके बाद पॉलिटिकल एजेंडे को लेकर बैठक बुलाई जाएगी।
यह भी पढ़ें- Exclusive: घाटी में दबाव के बाद आतंकियों ने बदली हमले की रणनीति
डॉ. फारूक ने कहा कि वह महबूबा मुफ्ती के भी संपर्क में हैं और उनकी जल्द रिहाई चाहते हैं। बैठक में नेशनल कांफ्रेंस(नेकां) के जनरल सेक्रेटरी अली मोहम्मद सागर, कश्मीर प्रांतीय अध्यक्ष नासिर असलम वानी, पूर्व मंत्री और वरिष्ठ नेता अब्दुल रहीम रथर, मोहम्मद शफी उड़ी, अकबर लोन, हसनैन मसूदी और चन्नी ओरोय नेकां अध्यक्ष डॉ. फारूक अब्दुल्ला के गुपकार स्थित घर पहुंचे।
बैठक को बुलाने के पीछे उद्देश्य यह देखना था कि क्या सभी नेता रिहा हैं या नहीं। वहीं इससे पहले भी 5 अगस्त को डॉ. फारूक ने एक ऑल पार्टी बैठक बुलाई थी, लेकिन अनुमति न होने के कारण नेता नहीं आ सके थे।
यह भी पढ़ें- लश्कर कमांडर नसीरुद्दीन के खात्मे के साथ छह जवानों की शहादत का बदला पूरा, पढ़िए लोन का हैदर कनेक्शन