अरनिया। सीमावर्ती क्षेत्र की नहरों में पानी की आपूर्ति होते ही किसान धान की सिंचाई में जुट गए हैं। सिंचाई विभाग ने अस्थाई तौर पर जम्मू में क्षतिग्रस्त नहर को बहाल कर दिया है। लगभग 40 दिन पूर्व बाढ़ से डेढ़ सौ मीटर नहर क्षतिग्रस्त हो गई थी। इसके बाद नहर में पानी की आपूर्ति नहीं हो पा रही थी।
इससे सीमावर्ती क्षेत्र के किसान धान की सिंचाई के लिए चिंतित थे। सिंचाई विभाग की तरफ से युद्ध स्तर पर नहर का मरम्मत कार्य किया गया है जिसके चलते नहरों में पानी की आपूर्ति को सुनिश्चित हो पाई है। सीमावर्ती क्षेत्र के किसानों ने सिंचाई विभाग के कार्य की सराहना की है।
गांव आल्हा के किसान लवली सिंह ने बताया कि नहर में पानी की आपूर्ति न होने के चलते किसान चिंतित थे। क्षेत्र में नहरों के अलावा सिंचाई का और कोई विकल्प नहीं था लेकिन सिंचाई विभाग ने समय पर नहरों में पानी की आपूर्ति कर दी है। उन्होंने कहा कि धान की आखिरी सिंचाई भी मुकम्मल हो गई है।
सीमावर्ती गांव चक माजरा के किसान दविंदर सिंह ने बताया कि नहर में पानी पहुंचने पर किसानों ने राहत की सांस ली है। उन्होंने कहा कि समय पर धान की सिंचाई हो गई है। इसके चलते अच्छी पैदावार होना तय है।
इस मुद्दे पर क्षेत्र के जेई ईशान सैनी ने बताया रविवार से नहरे में पानी छोड़ दिया गया है। सीमावर्ती क्षेत्र में अगले दो दिन में धान की सिंचाई मुकम्मल हो जाएगी। फिलहाल क्षतिग्रस्त नहर को अस्थाई तौर पर बहाल किया गया है।