संवाद न्यूज एजेंसी
जम्मू। शहर के बाढ़ प्रभावित इलाकों में लोग आठवें दिन भी पानी की समस्या से जूझते रहे। सुबह होते ही लोग टैंकर आने का इंतजार करना शुरू कर देते हैं या ट्यूबवेल पर पानी भरने के लिए दाैड़ लगानी पड़ रही है। पानी न होने से रोजमर्रा के काम प्रभावित हो रहे हैं। लोगों का कहना है कि पूरा दिन घर की सफाई में बीत रहा है। पीने के लिए और रोजमर्रा के काम निपटाने के लिए पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा है।
गोरखा नगर : गोरखा नगर निवासी राजकुमार ने बताया कि एक हफ्ता बीत चुका है। अब तो रोज का ही काम हो गया है। सुबह परिवार के साथ वाटर कूलर, बोतलें, बाल्टी आदि लेकर ट्यूबवेल पर पानी भरने आ जाते हैं। पानी की तंगी ने जीना मुश्किल हो गया है। रीना का कहना है कि ऐसा कब तक चलेगा। घर पर छोटे बच्चे हैं। जितना पानी भरकर लाते हैं वह कुछ ही समय में खत्म हो जाता है। फिर से पानी भरने दूर जाना पड़ता है। सुभाष ने बताया कि तड़के मंड़ी जाना होता है। बीच में लाैटकर पानी लेने जाना पड़ता है। सारा कामधंधा चाैपट हो गया है।
राजीव कॉलोनी : राजीव कॉलोनी निवासी अमित ने बताया कि पूरी कॉलोनी केवल टैंकर पर निर्भर हो गई है। दिन में दो से तीन टैंकर आते हैं। पूरी कॉलोनी के लिए इतना पानी पर्याप्त नहीं है। सुषमा ने बताया कि एक तो बारिश रुक नहीं रही है। जितनी सफाई करते हैं वापिस से उतना की मलबा आ जाता है। कम से कम पानी की सप्लाई शुरू हो जाए तो कुछ राहत मिले।
सारिका बिहार : प्रीतम शर्मा का कहना है कि फिलहाल इलाके में पानी आ रहा है, लेकिन पर्याप्त नहीं है। सपना का कहना है पानी की सप्लाई पर्याप्त नहीं है जिससे घर की सफाई हो सके। गंदगी के कारण मच्छर हो गए हैं।
गंग्याल : गंग्याल निवासी अशोक का कहना है कि पानी की समस्या बाढ़ के बाद एक-दो दिन तक ही रही। अभी तक घरों की सफाई नहीं हो पाई है। राजकुमार ने बताया कि बाढ़ के बाद विभागीय अधिकारियों ने सुध नहीं ली। हमने खुद ही सफाई की सारी व्यवस्था की। एक दो दिन के बाद पानी आ रहा है।
कुंजवानी : दौलत राम का कहना है कि फिलहाल पानी को लेकर ऐसी कोई समस्या नहीं है। मेन रोड पर जो निर्माण कार्य चल रहा है बारिश के दिनों में वहां से गुजरना मुश्किल हो जाता है। संबंधित विभाग को लोगों की इस परेशानी का संज्ञान लेना चाहिए।