कुपवाड़ा। मावर लंगेट और याहामा के निवासी गर्मी में गंभीर पेयजल संकट से जूझ रहे हैं। आधुनिक युग में भी उन्हें जंगल के नालों और गड्ढाें के पानी से प्यास बुझानी पड़ रही है।
मावर लंगेट और याहामा आदि गांवों की महिलाओं को जंगली जानवरों के खतरे के बीच जान जोखिम में डालकर पास के जंगली इलाकों से पानी लाना पड़ता है। स्थानीय लोगों ने बताया कि क्षेत्र के विधायक को कई बार समस्या से अवगत कराया जा चुका है, फिर भी समाधान नहीं हो पा रहा है।
स्थानीय लोगों ने बताया कि हम वर्षों से पीड़ित हैं। 2025 में भी हमें पीने के पानी जैसी बुनियादी जरूरत के लिए जंगल में मीलों पैदल चलने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। हम केवल स्वच्छ पानी और यातायात योग्य सड़कें जैसी आवश्यक चीजें ही चाहते हैं, मगर यह भी हमें नहीं मिल रही है।
स्थानीय लोगों ने उपराज्यपाल और मुख्यमंत्री से तुरंत हस्तक्षेप करने और स्वच्छ पेयजल और बेहतर सड़क संपर्क सुनिश्चित करने का आग्रह किया है। साथ ही चेतावनी भी दी है कि अगर उनकी मांग जल्द ही पूरी नहीं हुई तो वे विरोध प्रदर्शन करेंगे।
समस्या की जानकारी है। इसे दूर करने के प्रयास भी किए जा रहे है। जल्द ही जल जीवन मिशन के तहत इन गांवों में पाइपलाइन बिछाई जाएगी, जिसके बाद लोगों को घर में ही पानी मिलने लगेगा।
- खुर्शीद अहमद, विधायक