पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा पर चरम पर पहुंच चुके तनाव के बीच नेशनल कांफ्रेंस के अध्यक्ष और श्रीनगर के सांसद डॉ. फारूक अब्दुल्ला ने घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बतते हुए हालात पर चिंता व्यक्त की। कहा, भारत और चीन दोनों देशों को संयम दिखाते हुए तनाव को कम करने के लिए बातचीत का रास्ता निकालना चाहिए।
डॉ. अब्दुल्ला ने कहा कि युद्ध किसी समस्या का हल नहीं है। इससे सिर्फ दक्षिण-पूर्व एशिया में रहने वाले लोगों की स्थिति और खराब होगी। उन्होंने कहा कि कोविड-19 चलते दुनिया अब तक के सबसे कठिन चुनौतियों का सामना कर रही है। दोनों देशों को सीमा असहमति पर तनाव की स्थिति पैदा करने के बजाय आपस में बातचीत करना चाहिए और पूरे क्षेत्र में लंबे समय तक शांति के लिए अपने प्रयासों को तेज करना चाहिए।
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अब्दुल्ला ने कहा कि मैं उन जवानों के परिवारों के प्रति सहानुभूति रखता हूं, जिन्होंने चीनी सैनिकों के घातक हमले के बाद एलएसी पर अपनी जान गंवाई है।