घाटी में 120वें दिन भी हिंसा थमने का नाम नहीं ले रही है। शनिवार को भी उपद्रवियों ने मध्य कश्मीर के बडगाम जिले के चाडूरा में पंचायत घर को फूंकने की कोशिश की। पंचायत घर पर पेट्रोल बम फेंका गया। इससे भवन में आग लग गई। ग्रामीणों ने आग पर काबू पाया।
कई अन्य स्थानों पर सुरक्षा बलों पर पथराव के बाद भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले दागने पड़े। हवाई फायरिंग तक करनी पड़ी। श्रीनगर में छात्र कैसर सोफी की मौत के बाद शनिवार को जनाजे के दौरान हिंसा फिर भड़क उठी।
लोगों ने ईदगाह के पास प्रदर्शन किया। देश विरोधी तथा सरकार व सुरक्षा बलों के खिलाफ नारेबाजी की। इस दौरान लोगों ने सुरक्षा बलों पर पथराव किया। झड़पों में 30 से अधिक लोग घायल हो गए।
इलाके में अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती
अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती
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प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि स्किम्स में छात्र के साथ सुरक्षा बलों ने मारपीट की। इस वजह से उसकी मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की गई। अलगाववादियों के बंद के आह्वान की वजह से घाटी में सामान्य जनजीवन प्रभावित है।
दुकानें, व्यापारिक प्रतिष्ठान, पेट्रोल पंप, स्कूल-कालेज बंद हैं। सड़कों से सार्वजनिक वाहन नदारद हैं। हालांकि, कुछ आटो तथा कैब सड़कों पर नजर आए। घाटी के संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए हैं। गौरतलब है कि आठ जुलाई को हिजबुल कमांडर बुरहान वानी के मारे जाने के बाद से कश्मीर घाटी में हिंसा जारी है।
हिंसा के बीच जलाए गए 31 स्कूल
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कश्मीर घाटी में चार महीने से चल रही अशांति और उपद्रव की वजह से 31 स्कूलों और 110 सरकारी इमारतों को नुकसान पहुंचा है। स्कूल की इमारतों में वे स्कूल भी शामिल हैं, जो अज्ञात लोगों द्वारा जला दिए गए थे। घाटी के हिंसक प्रदर्शनों के बीच यहां के स्कूल लगातार उपद्रवियों के निशाने पर हैं।
सूत्रों ने बताया कि 25 सरकारी, दो निजी और चार ट्रस्ट या सामाजिक संगठनों द्वारा चलाए जा रहे स्कूलों की इमारतों को नुकसान पहुंचा है। वहीं 110 सरकारी इमारतों को भी नुकसान पहुंचाया गया है। 65 इमारतें पूरी तरह नष्ट हो गई हैं, जबकि बाकी आंशिक रूप से जलाई गई हैं।