जुमे की नमाज के बाद घाटी में कई जगह हिंसा भड़क उठी। उत्तरी कश्मीर के बारामुला जिले में जुमा की नमाज के बाद भड़की हिंसा के दौरान प्रदर्शनकारियों को काबू में करने के लिए आंसू गैस के गोले दागे गए। श्रीनगर में भी प्रदर्शनकारियों द्वारा मार्च निकालने की कोशिशों को नाकाम किया गया।
बारामुला जिले के सोपोर इलाके में जुमा की नमाज के बाद जामिया मस्जिद के बाहर काफी भारी संख्या में लोग एकत्रित हुए। उन्होंने देश विरोधी नारे लगाए। जुलूस निकालने की कोशिश की तो पुलिस ने रोक दिया। इस पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच भिड़ंत हो गई। उन्होंने सुरक्षाबलों पर पथराव शुरू कर दिया।
भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले दागे गए। भिड़ंत के चलते इलाके में सभी दुकानें बंद हो गईं। श्रीनगर के पुराने शहर नौहट्टा में स्थित जामिया मस्जिद के बाहर भी प्रदर्शन देखने को मिले। नमाज के बाद कुछ लोगों द्वारा मार्च निकालने की कोशिश की गई, जिसे वहां पहले से तैनात सुरक्षाबलों ने नाकाम कर दिया। प्रदर्शनकारियों को मस्जिद परिसर से बाहर नहीं निकलने दिया गया।
इस बीच युवाओं ने सुरक्षाबलों पर पथराव भी किया। गौरतलब है कि अलगाववादियों ने उप चुनाव के दौरान बडगाम जिले में आठ स्थानीय युवकों की मौत पर बडगाम चलो का आह्वान किया था। साथ ही जुमा की नमाज के बाद मार्च निकालने की अपील की थी।