कश्मीर घाटी में हिंसक प्रदर्शन
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बडगाम मुठभेड़ के दौरान भड़की हिंसा में तीन प्रदर्शनकारी युवकों की मौत के खिलाफ घाटी में बंद हावी रहा। आधा दर्जन से अधिक स्थानों पर सुरक्षा बलों पर पथराव हुआ। जवाबी कार्रवाई में उपद्रवियों पर आंसू गैस के गोले दागे गए। दर्जन भर लोगाें के जख्मी होने की सूचना है। उपद्रव भड़कने की आशंका के चलते घाटी में रेल सेवाओं को दिन भर स्थगित रखा गया।
प्रमुख शिक्षा संस्थानों में परीक्षाओं को एहतियातन स्थगित कर दिया गया। तनावपूर्ण माहौल में सुरक्षा व्यवस्था को बेहद चौक चौबंद रखा गया। घाटी के तमाम जिला मुख्यालयों समेत अन्य संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात रहे।
बारामुला के पुराने कसबे और पलहालन में सुबह बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी सड़क पर आ गए। सुरक्षा बलों को देखते ही पथराव शुरू हो गया। प्रदर्शनकारियों को खदेड़ने के लिए सुरक्षा बल घंटों जूझते रहे। यारीपोरा कुलगाम में हिजबुल आतंकी तौसीफ को सुपुर्द-ए-खाक करने के बाद हिंसा भड़की। उपद्रवियों ने देश विरोधी नारे लगाए और सुरक्षा बलों पर पथराव किया।
चाडूरा और रंगरेथ समेत कई अन्य इलाकों में भी कमोबेश ऐसी ही स्थिति रही। सुरक्षा बलों को देखते ही स्थानीय लोगों ने पत्थरबाजी करना शुरू कर दी। तनावपूर्ण हालात को देखते हुए कश्मीर यूनिवर्सिटी, सेंट्रल यूनिवर्सिटी कश्मीर और इंस्लामिक यूनिवर्सिटी आफ साइंस एंड टेकभनोलॉजी ने बुधवार को प्रस्तावित परीक्षाएं स्थगित कर दीं।
प्रशासन के अधिकारियों ने बताया कि हिंसा के विरोध में आहूत बंद का खासा असर रहा। दुकानें और व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद रहे। कुछेक इलाकों में ही निजी वाहनों की आवाजाही हुई। घाटी के लगभग सभी जिला मुख्यालय पर बंद का असर देखने को मिला। चाडूरा और श्रीनगर के डाउनटाउन समेत अन्य संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षा बलों को तैनात किया गया था।