कश्मीर घाटी में शुक्रवार को अलगाववादियों द्वारा दी गई बंद की कॉल का असर देखने को मिला। बंद के चलते आम जनजीवन प्रभावित हुआ। अधिकतर दुकानें, कारोबारी इदारे, स्कूल, कॉलेज, आदि बंद रहे। यहा तक कि सड़कों पर पब्लिक ट्रांसपोर्ट ही चलता दिखा। जुमा की नमाज के बाद घाटी के कई हिस्सों से हिंसक प्रदर्शनों की खबरें मिलीं।
श्रीनगर और घाटी के सभी संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा के अतिरिक्त प्रबंध किए गए थे। हमेशा की तरह शुक्रवार को भी जुमे की नमाज के बाद प्रदर्शन की आशंका थी। इस बीच जब श्रीनगर के पुराने शहर नौहट्टा में स्थित जामिया मस्जिद में जुमा की नमाज खतम हुई तो युवाओं द्वारा एक रैली निकालने की कोशिश की, जिसे सुरक्षाबलों द्वारा विफल बनाया गया।
जानकारी के अनुसार जब सुरक्षाबलों द्वारा उन्हें आगे नहीं बढ़ने दिया, तो युवाओं द्वारा जवानों पर पत्थर बरसाए। इसके बाद हिंसक भिड़ंत शुरू हुई। हालात को काबू में करने के लिए पुलिस द्वारा आंसू गैस के गोले भी दागे गए। हुर्रियत (एम) के अध्यक्ष मीरवाइज मोलवी उमर फारूक ने लोगों को जामिया में संबोधित किया। पुलिस द्वारा नमाज से पहले उन्हें रिहा किया गया था।
झड़प में दर्जनों घायल
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- फोटो : Amar Ujala
श्रीनगर के बटमालू इलाके में भी हिंसक प्रदर्शन देखने को मिले। जुमा की नमाज के बाद रेक चौक, दानदरखा, एसडी कॉलोनी आदि इलाकों के लोगों जमा हुए और प्रदर्शन करने लगे। इस बीच युवाओं द्वारा पुलिस पर पत्थर बरसाए गए। हालात काबू से बाहर होता देख पुलिस द्वारा हवाई फाइरिंग की गई और आंसू गैस के गोले भी दागे। काफी देर तक इलाके में हिंसक प्रदर्शन देखने को मिले।
पुलवामा, त्राल, बारामुला, बांदीपोरा, सोपोर, संगम, बिजबिहाड़ा, बडगाम, कुलगाम, शोपियां आदि इलाकों से भी सुरक्षाबलों और प्रदर्शनकारियों के बीच हिंसक भिड़ंत की खबरें मिली हैं। इस दौरान करीब एक दर्जन से अधिक लोगों और कुछ पुलिसकर्मियों के भी घायल होने की खबर है।
पुलिस द्वारा जारी एक बयान के अनुसार जुमा की नमाज के बाद सोपोर के बड़ा बाजार में हुए पथराव में एक 9 वर्षीय बच्चा मुरसलीन आजाद डार घायल हुआ है। उसे अस्पताल में इलाज के लिए ले जाया गया।