राज्य में पर्यटन के विकास के लिए राज्य सरकार की तरफ से विजन डाक्यूमेंट तैयार किया जा रहा है। इसके तैयार होने के बाद राज्य के कई इलाकों में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। यह जानकारी कृषि मंत्री गुलाम नबी लोन ने विधानसभा में रामनगर के विधायक आरएस पठानिया की तरफ से पूछे गए प्रश्नों का उत्तर देते हुए दी।
आरएस पठानिया ने कहा कि कश्मीर संभाग में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सरकार की तरफ से बहुत कुछ किया गया है, जबकि जम्मू संभाग में कुछ नहीं किया गया है। पर्यटन को लेकर रामनगर में आज तक केवल तीन योजनाओं पर काम हुआ है। पत्नीटाप में सिर्फ चार योजनाओं पर काम हुआ। इस तरह जम्मू संभाग में सिर्फ 15 योजनाओं पर काम किया गया है।
जम्मू, उधमपुर, मानसर और अन्य कई इलाके आज भी पर्यटक के विकास को लेकर पिछड़े हुए हैं। इन प्रश्नों का उत्तर देते हुए लोन ने कहा कि विजन डाक्यूमेंट के तहत राज्य के पर्यटक स्थलों का विकास किया जाएगा और इसमें रामनगर को भी रखा गया है। उन्होंने बताया कि डायरेक्टरेट आफ टूरिज्म जम्मू को जम्मू, सरुईंसर, मानसर और पत्नीटाप में आने वाले पर्यटकों के लिए ज्यादा सुविधाओं का इंतजाम करने को कहा गया है।
उन्होंने बताया कि 2012-13 में रामनगर स्थित पिंगता माता गांव को टूरिस्ट गांव घोषित करके विकास के लिए 50 लाख रुपये दिए थे। डालसर झील के विकास के लिए तीन करोड़ दिए गए थे। स्टेट प्लान के तहत खून मंदिर उधमपुर के लिए 2.25 करोड़ रुपये जारी किए गए थे।