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घाटी में भड़की हिंसा, CRPF की गोली से मौत

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पहले नौ हुर्रियत नेताओं की नजरबंदी, फिर केंद्र के दबाव में मसर्रत की गिरफ्तारी के बाद घाटी में भारी हिंसा भड़क उठी है। अलगाववादी नेता मसर्रत आलम की गिरफ्तारी के विरोध में शनिवार को श्रीनगर के नारबल में हो रहे विरोध प्रदर्शन में एक युवक की मौत हो गई।
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सुरक्षाबलों पर पत्थरबाजी कर रहे युवकों को रोकने के लिए सीआरपीएफ ने फायरिंग की, जिससे गोली एक युवक को जा लगी। युवक की मौके पर ही मौत हो गई है। मसर्रत आलम पर देशद्रोह का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है, पुलिस ने मसर्रत को सात दिन की रिमांड पर लिया है। शुक्रवार को दिन भर घाटी में हिंसक प्रदर्शन, पथराव और झड़पों का सिलसिला जारी रहा।

इन्हीं के चलते मसर्रत को अदालत में पेश भी नहीं किया जा सका। घाटी में अरसे बाद इतने बड़े पैमाने पर हिंसा भड़की है। मसर्रत को त्राल कूच के कुछ ही घंटे पहले गिरफ्तार किया गया। इसके तुरंत बाद गिलानी और मसर्रत समर्थकों ने घाटी के अनेक हिस्सों में प्रदर्शन और पत्थरबाजी शुरू हो गई। 21 पुलिस कर्मियों सहित दो दर्जन से ज्यादा लोग जख्मी हुए हैं।
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पुलिस के मुताबिक श्रीनगर के नौहाटा इलाके में स्थित जामा मस्जिद में जुमे की नमाज खत्म होने के तुरंत बाद हुर्रियत कांफ्रेंस के समर्थक सड़क पर उतर कर प्रदर्शन करने लगे और हिंसक हो उठे।

दस साल में 10 हजार से अधिक लोगों का गायब

प्रदर्शनकारियों द्वारा सुरक्षा बलों पर जमकर पथराव किया गया। मुंह पर कपड़ा बांधे उपद्रवी सुरक्षा में तैनात जवानों पर पथराव कर रहे थे। स्थिति पर नियंत्रण पाने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले दागने पड़े।

श्रीनगर के पुराने शहर इलाके के अलावा जिला पुलवामा के त्राल और कुछ अन्य इलाकों में भी हुर्रियत समर्थकों द्वारा हिंसक प्रदर्शन किए गए। पर सुरक्षा बलों की अतिरिक्त तैनाती के चलते स्थिति नियंत्रण में रही।

मसर्रत की गिरफ्तारी के बाद श्रीनगर में हुए प्रदर्शनों में पाक परस्त और भारत विरोधी नारे लगाए जा रहे थे।

प्रदर्शनकारियों की अगुवाई कर रहे हुर्रियत (एम) के चीफ मीरवाइज उमर फारूक का कहना था कि जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद और बीते दस साल में 10 हजार से अधिक लोगों का गायब हो जाना बड़ा मुद्दा है।

जम्मू-कश्मीर से अफस्पा को हटाना होगा

मीरवाइज ने कहा कि अब वक्त आ गया है कि केंद्र सरकार को जम्मू-कश्मीर से अफस्पा को हटाना ही होगा। मसर्रत की गिरफ्तारी के बाद घाटी में बढ़े तनाव पर पीएमओ में राज्यमंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्रालय पूरी स्थिति पर नजर रखे हुए है।

राष्ट्रविरोधी गतिविधियों और अलगाववाद को किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रदेश सरकार को भी उचित निद्रेश जारी किए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि जहां तक भाजपा का सवाल है तो प्रदेश और केंद्र में दोनों ही जगह पार्टी की ओर से स्पष्ट किया गया है सैद्धांतिक मतभेद होने के बावजूद पीडीपी से गठबंधन केवल सुशासन और विकास के एजेंडे पर किया गया है।

मर्सरत पर राज्य सरकार की कार्रवाई से संतुष्ट: राजनाथ

कानपुर। गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने मसर्रत आलम पर जम्मू कश्मीर सरकार की कार्रवाई पर संतुष्टि जताई है। कानपुर में पत्रकारों से बातचीत में राजनाथ ने कहा कि देश की संप्रभुता और अखंडता से खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा।

मसर्रत के खिलाफ देशद्रोह की कार्रवाई क्यों नहीं हुई, इस सवाल पर उन्होंने कहा कि यह प्रदेश सरकार का काम है न कि केंद्र का। पूरे मामले में जम्मू कश्मीर की सरकार ने जो कार्रवाई की है उससे केंद्र पूरी तरह संतुष्ट है।

भाजपा के दबाव का ही नतीजा है कि मसर्रत आलम की गिरफ्तारी हुई। पार्टी किसी भी प्रकार की राष्ट्रविरोधी गतिविधियों को चलने नहीं देगी। गठबंधन किए हुए एक महीना ही हुआ है, इसको लेकर अनावश्यक बयानबाजी अभी से किया जाना उचित नहीं है।
राम माधव, राष्ट्रीय महासचिव भाजपा (कटड़ा में राज्य कार्यकारिणी में शामिल होने पहुंचने पर)

राज्य में अलगाववाद को किसी हाल में सहन नहीं किया जाएगा। गठबंधन सरकार अपनी नीति के अनुसार राज्य की जनता के लिए काम जारी रखते हुए अपना कार्यकाल पूरा करेगी।
डा. निर्मल सिंह, उप मुख्यमंत्री (कटड़ा में राज्य कार्यकारिणी में शामिल होने पहुंचने पर)
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हुर्रियत (ग) का कश्मीर बंद आज

हुर्रियत (ग) के अध्यक्ष और कट्टरपंथी अलगाववादी नेता सईद अली शाह गिलानी द्वारा 18 अप्रैल को कश्मीर बंद का आह्वान किया गया है। हुर्रियत के जारी बयान के अनुसार त्राल में हुई मौत, हुर्रियत नेताओं की गिरफ्तारी, नजरबंदी और भारतीय मीडिया द्वारा भड़काऊ तरीके से स्थिति को पेश करने के विरोध में बंद का आह्वान किया गया है।

इसका समर्थन करीब सभी अलगाववादी संगठनों ने किया है। महिला अलगाववादी नेता आसिया अंद्राबी ने तो घाटी के लोगों से प्रदर्शन करने की भी अपील की है। गौरतलब है कि ऐसा पहली बार होगा कि मीडिया की कार्रवाई पर अलगाववादियों ने बंद का आह्वान किया हो।
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