पिछले सीजन में बाढ़ और खराब मौसम की मार सहने वाले कश्मीर के पर्यटन उद्योग को इस बार अपनों की ही मार पड़ने लगी है। अलगाववादियों के विरोध प्रदर्शन और हिंसा एक और पर्यटन सीजन की बली लेने की तैयारी में हैं।
विश्वविख्यात ट्यूलिप गार्डन खुलने के बाद पर्यटकों से गुलजार रहने वाली डल रोड पर इसका असर दिखने लगा है। होटलों और हाउसबोट में बुकिंग कैंसिल होने लगी है।
डल के किनारे खड़े शिकारे सुबह से शाम तक पर्यटकों की राह देख रहे हैं। पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए रियासत के मंत्री नईम अख्तर पिछले दो दिनों से दिल्ली में ट्रेवल एजेंटों के साथ बाकायदा बैठकें कर रहे हैं, जबकि कश्मीर के पर्यटन स्थलों का सूनापन धीरे धीरे बढ़ता जा रहा है।
कुछ पर्यटकों का कहना है कि उन्होंने एक माह पहले ही होटल बुक करवा लिए थे, लेकिन इस तनाव और अनिश्चितता के बीच वहां जाना जोखिम से कम नहीं।