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कश्मीर घाटी में फिर हिंसक प्रदर्शन

Sat, 10 Dec 2016 04:54 PM IST
अमृतपाल सिंह बाली, अमर उजाला/श्रीनगर
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घाटी के कई इलाकों में हिंसक प्रदर्शन - फोटो : PTI
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घाटी में जुमे की नमाज के बाद कई इलाकों में हिंसक प्रदर्शन हुए। सुरक्षा बलों पर पत्थरबाजी की घटना के बाद भीड़ को खदेड़ने के लिए आंसू गैस के गोले दागे गए। हवाई फायरिंग तक करनी पड़ी। 
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जुमा की नमाज के बाद घाटी के कई इलाकों से हिंसक प्रदर्शनों की खबरें मिलना शुरू हो गईं। श्रीनगर के बटमालू इलाके के लोग नमाज के बाद लाल चौक में जमा हुए और दक्षिणी कश्मीर में हुई मुठभेड़ में मारे गए स्थानीय नागरिक और आतंकियों की मौत को लेकर प्रदर्शन करने लगे।

इस बीच युवाओं द्वारा वहां तैनात जवानों पर पत्थरबाजी शुरू की। स्थिति को नियंत्रण से बाहर होता देख पुलिस द्वारा आंसू गैस के गोले दागे गए और हवाई फायरिंग फायरिंग भी की गई।
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हुर्रियत नेता मीरवाइज को किया गया नजरबंद

घाटी में हिंसक प्रदर्शन - फोटो : PTI
हुर्रियत (एम) के अध्यक्ष मीरवाइज मौलवी उमर फारूक को भी पुलिस द्वारा नमाज के बाद उनके घर में नजरबंद किया गया। हुर्रियत (एम) के प्रवक्ता ने बताया कि हुर्रियत अध्यक्ष को 12.30 बजे नजरबंदी से रिहा किया गया। नमाज पढ़ने के बाद 2.30 बजे उनके नगीन स्थित घर में पहुंचने पर उन्हें फिर से नजरबंद कर दिया गया। 

श्रीनगर की ऐतिहासिक जामिया मस्जिद के आसपास कड़े सुरक्षा बंदोबस्त किए गए थे। जैसे ही मीरवाइज नमाज के बाद वहां से रवाना हुए, तो सुरक्षाबलों द्वारा जामिया मस्जिद के मुख्य द्वार को बंद कर दिया गया, जहां से लोग जुलूस निकाला करते थे। इसके बाद प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच हिंसक भिड़ंत हुई, जो काफी देर तक जारी रही।

इस दौरान पुलिस द्वारा आंसू गैस के गोले दागे गए। जामिया मस्जिद सोपोर, बांदीपोरा, बिजबिहाड़ा, पुलवामा, त्राल के साथ आरवनी हुसानपुरा जहां मुठभेड़ हुई, में भी हिंसक प्रदर्शनों की खबरें मिली हैं। इस दौरान दो दर्जन से अधिक लोग घायल हुए जिनमें कुछ पुलिसकर्मी भी शामिल हैं।

कश्मीर घाटी में शुक्रवार को अलगाववादियों की हड़ताल के चलते आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ। बंद के चलते सभी स्कूल, कॉलेज, पेट्रोल पंप समेत अन्य कारोबारी इदारे बंद रहे और पब्लिक ट्रांसपोर्ट भी न के बराबर चलता दिखा। प्राइवेट ट्रांसपोर्ट काफी हद तक चल रहा था। जुमा की नमाज के बाद हिंसक प्रदर्शनों की आशंका को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए थे।
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