श्रीनगर के पुराने शहर में जुमे की नमाज के बाद जेकेएलएफ के अध्यक्ष यासीन मलिक ने रैली निकाल कर प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने पाकिस्तानी झंडे लहराए। जामिया मस्जिद में मीरवाइज ने अपने संबोधन में कहा कि भारत को अपनी सैन्य नीतियां त्यागनी चाहिए।
पुराने शहर के नौहट्टा इलाके में स्थित ऐतिहासिक जामिया मस्जिद में जुमे की नमाज के बाद प्रदर्शन किया गया। इस दौरान युवाओं ने आजादी के हक में और देशविरोधी नारेबाजी की। इस दौरान वहां तैनात सुरक्षाबलों ने उन्हें वहां से बाहर नहीं निकलने दिया। सुरक्षाबलों ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए पैलेट गन का इस्तेमाल किया।
वहीं जामिया मस्जिद में लोगों को संबोधित करते हुए हुर्रियत (म) के अध्यक्ष मीरवाइज मोलवी उमर फारूक ने कहा कि कश्मीर मुद्दे को हल करने के लिए अलगाववादियों द्वारा बातचीत में पूरा समर्थन दिया जाएगा, लेकिन बातचीत लोगों की इच्छाओं और आकांक्षाओं के अनुसार होनी चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि भारत सरकार कश्मीर मुद्दे को बातचीत से हल करना चाहता है तो सभी हितधारकों को एक साथ बैठने की जरूरत है। मीरवाईज ने भी कहा कि भारत को राजनीतिक दृष्टिकोण अपनाने की जरूरत है। सैन्य नीति त्याग देना चाहिए।
गौरतलब है कि जम्मू कश्मीर लिबरेशन फ्रंट के अध्यक्ष मोहम्मद यासीन मलिक ने भी सोवर इलाके में अपने समर्थकों के साथ एक रैली निकाली। इस दौरान वे सभी अलगाववादियों और युवाओं को रिहा करने की मांग कर रहे थे। साथ ही रोहिग्या मुसलमानों पर हो रहे कथित अत्याचार की भी उन्होंने निंदा की।