घाटी में हिंसक झड़पों का सिलसिला जारी है। बडगाम, अनंतनाग, शोपियां और सोपोर में पांच जगह पथराव की घटनाएं हुईं। सुरक्षा बलों पर पत्थर बरसाए जाने पर आंसू गैस के गोले दागे गए। कुछ लोगों के घायल होने की खबर है।
इस बीच श्रीनगर शहर व सटे इलाकों के बारह थाना क्षेत्रों में कर्फ्यू की दिन भर ढील रही। इसके बावजूद हालात शांत रहे। श्रीनगर शहर में सोमवार बीएसएफ तैनात कर दी गई। घाटी में भीतरी इलाके की सुरक्षा के लिए बीएसएफ को वर्ष 2004 के बाद पहली बार तैनात किया गया है।
जोनल पुलिस मुख्यालय के अनुसार सोमवार का बडगाम के हैदरपोरा, अनंतनाग के सल्ली, शोपियां के वाथू, गोनापोरा और सोपोर के गुलाबाद में भीड़ ने सुरक्षा बलों पर पथराव किया। कुछ देर के लिए माहौल तनावपूर्ण रहा लेकिन भीड़ को नियंत्रित कर लिया गया। श्रीनगर के दस थाना क्षेत्रों में सुबह नौ से शाम पांच बजे तक कर्फ्यू में ढील दी गई।
1991 से 2004 तक आतंक रोधी अभियान में शामिल थी बीएसएफ
घाटी में कर्फ्यू जारी
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पुलिस थाना राम मुंशी बाग, कोठी बाग, राज बाग, सद्दर, नौगाम, शहीद गंज, करण नगर, शेरगढ़ी, परिमपोरा, सौरा, लाल बाजार और नाइजीन क्षेत्रों में दिन भर कर्फ्यू में ढील रहने पर भी हिंसक घटना नहीं हुई। कुछ इलाकों में दुकानें खुलीं और लोग घरों से बाहर आकर खरीदारी करते दिखे।
नेशनल हाईवे और उससे जुड़े संपर्क मार्गों पर वाहनों की आवाजाही सामान्य रही। शहर में बीएसएफ की तैनाती पर प्रशासन, बीएसएफ और पुलिस के आला अफसरों ने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया।
सोमवार को श्रीनगर के लाल चौक से सटे मुख्य बाजार और आस पास वाले इलाकों में बीएसएफ तैनात कर दी गई। घाटी में आंतरिक सुरक्षा के लिए बीएसएफ को वर्ष 1991 में तैनात किया गया था। आतंक रोधी अभियानों को अंजाम देने के लिए बीएसएफ को वर्ष 1991 से 2004 तक तैनात रखा गया। बाद में इसे एलओसी पर शिफ्ट कर दिया गया था।