घाटी में जुमे की नमाज के बाद कई जगह पर हिंसक प्रदर्शन हुए। सुरक्षा बलों पर पथराव की घटना के बाद आंसू गैस के गोले दागे गए। हिजबुल सरगना सैयद सलाहुद्दीन को अंतरराष्ट्रीय आतंकी घोषित किए जाने के विरोध में घाटी के कई स्थानों पर बंद रहा। श्रीनगर के पांच थाना क्षेत्रों में पाबंदियां रहीं। इसके साथ ही अलगाववादी नेता मीरवाइज उमर फारूक को नजरबंद रखा गया।
अलगाववादियों द्वारा प्रदर्शन के आह्वान के मद्देनजर सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए थे। श्रीनगर के पुराने शहर के खानयार, रैनावारी, नौहट्टा, एमआर गंज और सफाकदल थाना क्षेत्रों के अंतर्गत आने वाले इलाकों में पाबंदियां लगाई गई थीं।
सभी रास्तों पर कंटीली तारें बिछा कर रास्ते सील किए गए थे। इसके चलते इन इलाकों में सभी कारोबारी प्रतिष्ठान बंद रहे। सड़कों से सार्वजनिक वाहन नदारद रहे। जामिया मस्जिद में जुमा की नमाज नहीं पढ़ने दी गई। मस्जिद के सभी दरवाजों पर ताले लगाने के साथ ही उस ओर जाने वाले सभी रास्तों को सील कर दिया गया था।