सीमा पर लगी फसलों को काटने लौटे ग्रामीण
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कुछ दिन से थमी गोलाबारी के चलते आरएस पुरा सेक्टर के अधिकतर सीमावर्ती ग्रामीण घरों में लौट आए हैं। प्रशासन की ओर से बनाए शिविर अब खाली होने लगे हैं। हालांकि, हर शाम को कुछ ग्रामीण ही शिविरों में लौटते हैं। शनिवार को सुचेतगढ़, कोराटाना खुर्द, अब्दुल्लियां, चंदू चक्क आदि गांव जो सुरक्षा बांध के पार हैं, में ‘अमर उजाला’ ने जाने पर देखा कि काफी ग्रामीण घरों में लौट आए हैं।
कई लोगों का पहुंचना जारी था। पूछने पर ग्रामीणों ने बताया कि वह लोग जोखिम उठाकर घरों में लौटे हैं। जान हथेली पर रखकर फसल की कटाई करने आए हैं।ग्रामीणों का कहना है कि अगर दोबारा पाक की ओर से गोलाबारी की गई तो वह धान की कटाई नहीं कर पाएंगे। इसीलिए जल्द से जल्द धान की कटाई करना चाहते हैं। किसान रक्षपाल सिंह, दयाराम, कृष्ण लाल, राजेश कुमार का कहना है कि पहले पाकिस्तान के किसान अपने क्षेत्र में धान की कटाई के लिए किसान भेजते थे।
तब बीएसएफ भी गांव के किसानों को खेतीबाड़ी करने को खेतों पर भेजती थी। अब बदले हालातों के बीच पाकिस्तानी क्षेत्र में धान के खेतों में किसान दिखाई नहीं देते। तारबंदी के आगे फिलहाल किसानों को जाने नहीं दिया जा रहा है। गांव के आसपास ही धान की कटाई हो रही है। लेकिन यहां से पाकिस्तान की पोस्टें दिखाई देती हैं।