उधमपुर के थिल रौन पंचायत इलाके में पानी की कमी से हालात बदतर होते ता रहे हैँ। ग्रामीणों ने आज पीएचई कार्यालय पर जोरदार प्रदर्शन किया। गांव वालों ने उग्र प्रदर्शन करते हुए साफ कर दिया कि अगर उन्हें इसके बाद पानी नहीं दिया जाता है तो अगली बार वह नेशनल हाईवे जाम कर देंगे।
सरपंच रामेश्वर शर्मा के साथ ग्रामीणों ने सुबह करीब साढ़े दस बजे एमएच चौक स्थित पीएचई विभाग के कार्यालय के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान बलदेव सिंह, हेमराज, रमेश चंद्र, प्यारा सिंह, सुरेंद्र व अन्य ने बताया कि दो वर्ष से उनके इलाकों में पानी की समस्या गंभीर है।
महीने में चंद दिन ही पानी मिल रहा है। हालांकि चार वर्ष पहले थिल रौन नाम से प्रोजेक्ट तैयार किया गया था, लेकिन वह भी चंद महीने चला फिर खराब हो गया। आज तक यह प्रोजेक्ट सही तरह से काम नहीं कर पाया है। जब भी ग्रामीण इसकी मरम्मत की मांग पीएचई अधिकारियों के सामने रखते हैं तो हर बार नया बहाना बना दिया जाता है।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि विभाग जल्द ही थिल रौन प्रोजेक्ट का मरम्मत का कार्य आरंभ करवाए। अन्यथा राजमार्ग पर वाहनों की आवाजाही बंद कर प्रदर्शन किया जाएगा।
सिविल और मैकेनिकल डिवीजन में विवाद
करीब एक वर्ष पहले विभाग की तरफ से नहर निकालकर समस्या को हल करने का दावा किया था। लेकिन चार लाख रुपये से अधिक की राशि खर्च करने के बाद भी नहर का निर्माण पूरा नहीं हो सका है।
हालात ये बन चुके हैं कि पीएचई विभाग का मैकेनिकल डिवीजन सिविल डिवीजन पर जिम्मेदारी डाल रहा है तो सिविल डिवीजन मैकेनिकल को दोष दे रहा है। दोनों डिवीजनों की लापरवाही के कारण ग्रामीण पानी की किल्लत से जूझ रहे हैं।