विजयपुर में वंदे मातरम् कार्यक्रम आयोजित किया गया
विजयपुर। राष्ट्रगीत वंदे मातरम के 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य पर विजयपुर लक्ष्मी नारायण मंदिर में शनिवार को सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस मौके पर विधायक डॉ. दविंदर मनयाल ने कहा कि वंदे मातरम केवल एक गीत नहीं बल्कि यह भारत की आत्मा की आवाज है। उन्होंने बताया कि इस गीत ने स्वतंत्रता संग्राम के हर चरण में भारतीयों को साहस और प्रेरणा प्रदान की।
उन्होंने बताया कि वंदे मातरम की रचना बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय ने साल 1875 में की थी। इसका प्रथम सार्वजनिक वाचन रवींद्रनाथ टैगोर की ओर से साल 1896 में किया गया था। भारत के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने वर्ष 1950 में इसे आधिकारिक रूप से राष्ट्रगीत का सम्मान प्रदान किया।विधायक ने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम के दिनों में वंदे मातरम स्वदेशी आंदोलन की प्रेरणा, क्रांतिकारियों की शक्ति और राष्ट्रीय चेतना का प्रमुख नारा रहा। इस मौके पर डीडीसी चैयरमेन केशव दत शर्मा, पूर्व सरपंच रमण सलाथिया,धीरज शर्मा,अमीत दूबे, शिल्प दुबे, डीडीसी मेंबर सर्बजीत सिंह जौहल, अरुण शर्मा और नरेंद्र प्रताप सिंह ने भाग लिया।