रोशनी एक्ट के तहत सरकारी भूमि को ट्रांसफर करने में हेराफेरी के आरोप में विजिलेंस ने राजस्व विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों पर मामला दर्ज कर लिया है। स्टेट विजिलेंस कमीशन के जनरल आडिट के प्रिंसिपल ने जांच के बाद विजिलेंस को मामला दर्ज करने के लिए कहा।
इस पर अमल करते हुए वीरवार को एफआईआर नंबर 3 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। आरोप है कि रोशनी एक्ट के तहत राजस्व विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने अपनी पोजिशन का गलत फायदा उठाकर भूमि ट्रांसफर कर दी।
विजिलेंस ने जांच में पाया कि जिन लोगों ने अवैध रूप से जमीनों पर कब्जा किया हुआ है। उन पर कार्रवाई करते वक्त राजस्व विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने अपने पदों का दुरुपयोग करते हुए अवैध रूप से कार्रवाई की। यही नहीं, बिना रिकार्ड देखे, अधूरे और अपर्याप्त दस्तावेजों पर जमीन ट्रांसफर कर दी।
इसके लिए प्रोविजन कमेटी ने यह रेट फिक्स कर रखा है, उस रेट के मुताबिक भी काम नहीं किया गया। कई मामलों में जमीन ट्रांसफर करने पर लिए गए पैसों को सरकारी खजाने में जमा भी नहीं कराया गया। विजिलेंस ने 5(1)(सी),5(1)(डी), आर/डब्ल्यू5(2) जेके पीसी एक्ट, एसवीटी 2006 सेक्शन120 बी के तहत मामला दर्ज किया है। इस मामले में कई अधिकारियों के नपे जाने की संभावना है।