चार वर्ष के अंदर जगती टाउन के क्वार्टरों की हालत बिगड़ने पर कश्मीरी पंडित लंबे समय से इसकी विजिलेंस जांच करवाने की मांग पूरी कर रहे थे। इस मांग को सरकार ने अब पूरा कर दिया है।
इतनी जल्दी क्वार्टरों की हालत क्यों बिगड़ी इसकी टीम ने जगती टाउन में पहुंच कर क्वार्टरों की हालत को भी देखा है। वहीं जांच शुरू होने पर टाउन में रहने वाले कश्मीरी पंडितों ने भी राहत की सांस ली है।
2011 में जगती टाउन में सरकार की तरफ से 4200 से ज्यादा विस्थापित कश्मीरी पंडितों को क्वार्टर बनाकर दिए थे, लेकिन वर्तमान समय में काफी क्वार्टरों की हालत खस्ता हो चुकी है।
मरम्मत के बाद भी इन क्वार्टरों की हालत में सुधार नहीं हुआ तो कश्मीरी पंडितों ने इसकी जांच करवाने की मांग उठा दी थी। कश्मीरी पंडितों का कहना था कि चार वर्ष के अंदर की क्वार्टरों की छतों का टपकना कई तरह के सवाल खड़े करता है।
करीब एक महीने पहले उपमुख्यमंत्री डा. निर्मल सिंह जगती में कश्मीरी पंडितों का हाल जानने पहुंचे थे तो कश्मीरी पंडितों ने सबसे पहले बदहाल क्वार्टरों के बारे में जानकारी देकर जांच करवाने की मांग की थी।
उपमुख्यमंत्री ने इसको गंभीरता से लिया और विजिलेंस से जांच के आदेश जारी कर दिए। करीब सप्ताह पहले जगती टाउन में विजिलेंस की टीम क्वार्टरों की जांच के लिए जगती में पहुंची।
रिलीफ कमिश्नर आरके पंडिता ने इसकी पुष्टी करते हुए बताया कि कश्मीरी पंडित लंबे समय से इसकी जांच करवाने की मांग कर रहे थे। विजिलेंस ने इसकी जांच शुरू कर दी है। जो भी दोषी होगा, उस पर कार्रवाई की जाएगी।