जम्मू-कश्मीर में विधानसभा के चुनाव नवंबर में होने के आसार और बढ़ गए हैं। भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व ने मंगलवार को नई दिल्ली में हुई बैठक में राज्य इकाई के कोर ग्रुप को चुनाव की तैयारियों में जुट जाने के लिए कहा है। महाराष्ट्र और हरियाणा के साथ ही राज्य में चुनाव कराने के पार्टी के निर्णय की जानकारी दी गई। यह भी कहा कि अपने बलबूते पर जम्मू-कश्मीर में सरकार बनानी है और अपना मुख्यमंत्री बनाना है। न केवल जम्मू संभाग बल्कि कश्मीर में भी जीत दर्ज करानी है और लद्दाख से भी सीटें निकालनी हैं।
बैठक में केंद्रीय नेतृत्व ने साफ संकेत दिया कि चुनाव की तैयारियां शुरू कर दी जाएं। बूथ स्तर पर पार्टी को मजबूत किया जाए। पन्ना प्रमुखों की सक्रियता बढ़ाई जाए। हर गांव, हर वार्ड तथा पंचायत स्तर तक पार्टी की रीति नीतियों के साथ ही केंद्र सरकार की उपलब्धियों को पहुंचाया जाए। छोटी से छोटी बातों पर भी गौर किया जाए जो चुनाव जीतने की दृष्टि से उपयोगी हों। चुनाव की तैयारियों के सिलसिले में अलग-अलग प्रकोष्ठों तथा समाज के विभिन्न तबके के लोगों की बैठकें भी आयोजित की जाएं।
बैठक में साफ कहा गया कि अनावश्यक बयानबाजी से बचना है। किसी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान नहीं देना है। पूरा ध्यान चुनाव पर केंद्रित करना है। सूत्रों ने बताया कि बैठक में परिसीमन के मुद्दे पर भी बात हुई, लेकिन इस पर अधिक बल नहीं दिया गया। पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष अगले कुछ दिनों में रियासत का दौरा कर चुनाव की तैयारियों के संबंध में बैठकें कर सकते हैं।
बैठक में प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र रैना की ओर से राज्य के राजनीतिक हालात की जानकारी दी गई। बताया गया कि पार्टी राज्य में चुनाव के लिए तैयार है। संगठन के स्तर पर तैयारियां पहले से ही जारी है। बैठक में राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा, राष्ट्रीय महामंत्री राम माधव, राष्ट्रीय महामंत्री (संगठन) बीएल संतोष, केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह, भाजपा की राज्य इकाई के अध्यक्ष रवींद्र रैना व कोर ग्रुप के सदस्य सांसद जुगल किशोर शर्मा व शमशेर सिंह मन्हास, महामंत्री युद्धवीर सेठी, नरेंद्र सिंह, सुनील शर्मा, पूर्व अध्यक्ष सत शर्मा, पूर्व उप मुख्यमंत्री कवींद्र गुप्ता व मुख्य प्रवक्ता सुनील सेठी शामिल हुए।
अमरनाथ यात्रा के बाद आयोग कर सकता है एलान
15 अगस्त को अमरनाथ यात्रा की समाप्ति के बाद चुनाव आयोग राज्य में विधानसभा चुनाव कार्यक्रम का एलान कर सकता है। 2014 में मतदान नवंबर-दिसंबर में हुआ था। कुछ दिन पहले संसद में गृह मंत्री अमित शाह ने कहा था कि चुनाव आयोग की ओर से कार्यक्रम घोषित करने के बाद केंद्र सरकार विधानसभा चुनाव कराने को तैयार है। इससे पहले राम माधव ने चुनाव आयोग से इस साल विधानसभा चुनाव कराने का आग्रह किया था। इसी साल चार जून को आयोग ने कहा था कि अमरनाथ यात्रा की समाप्ति के बाद वह विधानसभा चुनाव कार्यक्रम घोषित करेगा। राज्य में फिलहाल राष्ट्रपति शासन लागू है।
87 सीटों पर होते हैं चुनाव
वर्तमान में राज्य में 87 सीटों के लिए चुनाव होते हैं। इनमें जम्मू में 37, कश्मीर में 46 तथा लद्दाख में चार सीटें हैं। 2014 के चुनाव में पार्टी 25 सीटें जीतकर पीडीपी के साथ पहली बार सरकार बनाने में सफल रही थी।