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कश्मीर में साजिश के तहत सेना के खिलाफ वीडियो हो रहे वायरल, गृह मंत्रालय को भेजी गई रिपोर्ट

Mon, 17 Apr 2017 01:18 PM IST
राघवेंद्र नारायण मिश्र,अमर उजाला/जम्मू
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गृह मंत्रालय - फोटो : File Photo
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कश्मीर में सुरक्षा बलों और सेना के जवानों के खिलाफ सुनियोजित साजिश के तहत वीडियो वायरल किए जा रहे हैं। सुरक्षा एजेंसियों ने इस आशय की रिपोर्ट केंद्रीय गृह मंत्रालय को भेजी है ।अलगाववादियों और उपद्रवियों ने समर अनरेस्ट की साजिश के तहत सेना को बदनाम करने और उनके खिलाफ अवाम में गुस्सा भड़काने की व्यूहरचना की है।
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घाटी में सुरक्षा बलों पर अलग-अलग स्थानों पर प्रतिदिन औसतन 8 बार पत्थर बरसाए जा रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक आतंकियों के सर्च अभियान में बाधा डालने पर ही सुरक्षा बलों द्वारा सख्त कार्रवाई होती है। अन्य मामलों में सुरक्षा बल पत्थर झेलकर भी संयम बरत रहे हैं।

रिपोर्ट में कहा गया है कि एक साल में पत्थरबाजी की 2784 घटनाएं हुईं हैं। हर माह औसतन 240 बार पत्थरबाजी हो रही है। पिछले साल अप्रैल में 97 स्थानों पर पत्थरबाजी की घटनाएं हुईं थीं। इस बार अप्रैल के 15 दिनों में ही 60 से अधिक घटनाएं हो चुकी हैं। श्रीनगर उपचुनाव के बाद पत्थरबाजी की घटनाएं और बढ़ रही हैं।
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आतंकी बुरहान वानी की मुठभेड़ में मौत के बाद जुलाई 2016 में उपद्रवियों ने सुरक्षा बलों पर 837 स्थानों पर पत्थर बरसाए। अगस्त में 757, सितंबर में 536 और अक्टूबर में 179 बार पथराव की घटनाएं हुईं। नवंबर से पत्थरबाजी की घटनाओं में कुछ कमी आई। इसे नोटबंदी का असर माना जा रहा है। नवंबर में 73, दिसंबर में 36, जनवरी में 17, फरवरी में 46 और मार्च में पत्थरबाजी की 60 घटनाएं दर्ज की गईं हैं। 
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दरबार मूव के बाद घाटी में भारी उपद्रव की आशंका

घाटी में हिंसक प्रदर्शन - फोटो : File Photo
नोटबंदी ने पत्थरबाजी की घटनाओं पर ब्रेक लगाया, लेकिन अब उपद्रवियों के पास हवाला की फंडिंग फिर पहुंच गई है। दरबार अभी जम्मू में है। दरबार मूव के बाद श्रीनगर में सरकार का कामकाज 8 मई से शुरू होने वाला है। सुरक्षा एजेंसियों को आशंका है कि दरबार मूव के बाद पत्थरबाजी की घटनाएं बढ़ सकती हैं। दरबार जब श्रीनगर में होता है तब अलगाववादियों की गतिविधियां भी बढ़ जाती हैं। आतंकी संगठनों और उपद्रवियों ने भारी उपद्रव की साजिश बुनी है। मुठभेड़ में स्थानीय आतंकियों की मौत की किसी भी घटना के बाद उपद्रव शुरू हो सकता है। 
 
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