जम्मू। कोरोना महामारी के बीच आर्थिक संकट से जूझ रहे लोगों को अब सब्जियां भी आंखें दिखाने लगी हैं। त्योहारी सीजन में सब्जियों के दाम आसमान छू रहे हैं। लगातार बढ़ते सब्जियों की कीमतों ने आमजन की चिंता बढ़ा दी है और लोगों की थाली से सब्जियां गायब हो रही हैं। रोजमर्रा के टमाटर, प्याज और आलू के दामों में पिछले एक महीने से 20 से 50 रुपये तक की वृद्धि हुई है।
कोरोना महामारी में लोग पहले से बेहाल थे, लेकिन अब सब्जियों की कीमतों में हो रही बेतहाशा वृद्धि ने उनकी मुसीबत और बढ़ा दी है। महंगाई की मार से पहले से जूझ रही गृहणियों की रसोई का बजट भी दिन प्रतिदिन बिगड़ता जा रहा है। गृहणियां जहां महंगाई को कोस रही हैं, वहीं कहती हैं कि एक ही सब्जी का दाम मंडी में कुछ है और गलियों और रेहड़ी-फड़ी पर उसका दाम कुछ। उन्होंने सब्जियां की बढ़ती कीमतों पर अंकुश लगाने के लिए मूल्यों की निगरानी की भी गुहार लगाई है।
त्योहारी सीजन के नजदीक आते ही कि सब्जियों की मांग बढ़ने लगी है। मांग अधिक होने के कारण सब्जियों के दाम आसमान छूने लगे हैं। पिछले एक महीने से सब्जियों के दाम में 10 से 15 रुपए तक की वृद्धि हुई है। सितंबर तक जो प्याज 30 रुपये किलो बिक रहा था, वह अब 70 से 80 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया है। टमाटर भी 50 से 60 रुपये तक पहुंच गया है। जम्मू शहर की सबसे बड़ी सब्जी मंडी नरवाल में बुधवार को आलू 20-25 रुपये, खीरा 40 रुपये, नींबू 40 रुपये, पालक और घीया 40 रुपए, बैंगन और भिंडी 40 रुपये प्रति किलो के हिसाब से बिक रही है। वहीं फूल गोभी 50 और फलियां भी 70 रुपये बिक रही हैं। साग की एक गुच्छी की कीमत 30 से 40 रुपये है। मंडी से सब्जी विक्रेता से होते हुए आम लोगों तक पहुंचते-पहुंचते इनकी कीमतों में भारी इजाफा हो रहा है। इससे लोग काफी परेशान हैं।
मंडी से बाहर आते है 30 रुपये तक बढ़ रहे दाम
शहर की सबसे बड़ी नरवाल सब्जी मंडी से बाहर निकलते ही सब्जियों के दामों में 30 रुपये तक बढ़ोतरी हो जाती है। मंडी में प्याज प्रति किलो 60 रुपये मिलता है। वही प्याज दुकानों और रेहड़ी पर 80 रुपये प्रति किलो बिक रहा है। मंडी में फलियां 70 रुपये प्रति किलो मिल रही हैं, जबकि दुकानों और रेहड़ी पर इसकी कीमत 110 रुपये तक पहुंच जाती है। फूल गोभी मंडी में 25 रुपये मंडी में मिलती है, लेकिन दुकानों पर 40 और 50 रुपये में बिक रही है। सब्जी विक्रेताओं का कहना कि जब तक बारिश नहीं होती सब्जियों के आसमान छूते दामों में गिरावट के आसार नहीं हैं।
सब्जियों के दामों में बढ़ोतरी से महीबे का पूरा बजट बिगड़ रहा है। गलियों और रेहडियों पर मिलने वाली सब्जियों के दाम और मंडी के दामों में बड़ा अंतर है। सब्जियों के दामों पर निगरानी होनी चाहिए। आम लोगों पर ही महंगाई की मार पड़ रही है।
-नीशू देवी, गृहिणी
कोरोना संक्रमण से डर से बाहर नहीं निकल रहे हैं, लेकिन गलियों की दुकानों में सब्जियों बड़े महंगे दामों पर बेची जा रही हैं। प्याज और टमाटर खरीदने से भी डर लगता है। जहां पहले एक साथ दो किलो टमाटर खरीदते थे, अब एक किलो ही खरीद रहे हैं।
मधु, गृहिणी
त्योहारी सीजन में आसमान छूते सब्जियां के दाम के कारण चिंता बढ़ गई है। कोरोना के कारण पहले ही कमाई ठप पड़ी है। इस पर महंगाई की मार परेशान कर देने वाली है। सब्जियों के दामों में उछाल सीधा आम लोगों की थाली पर हमला है।
सुनीता, गृहिणी