कश्मीर संभाग के पुलवामा जिले में वेबुग गांव में हिंदू-मुस्लिम भाईचारे की अनोखी मिसाल देखने को मिली। 78 वर्षीय कश्मीरी पंडित राम जी कौल के निधन के बाद उनके रिश्तेदार देश के विभिन्न हिस्सों से वहां पहुंचे तो मुस्लिम पड़ोसियों ने अपने घरों के द्वार खोल दिए।
इतना ही नहीं अंतिम संस्कार में भी मुस्लिमों ने पूरा सहयोग दिया। 1990 में जब कश्मीर में आतंकवाद का दौर आरंभ हुआ था तो वेबुग में आठ कश्मीरी पंडित परिवार ऐसे थे, जिन्होंने आतंकवाद की परवाह न करते हुए घर नहीं छोड़ा।
इन कश्मीरी पंडित परिवारों में से एक राम जी कौल का परिवार भी था। राम जी कौल पीडीडी डिपार्टमेंट में काम करते थे और सेवानिवृत्त होने के बाद भी कश्मीर में ही रह रहे थे।