सोमवार को पुराने यात्रा मार्ग से यात्रा शुरू किए जाने के बाद शाम करीब पौने चार बजे फिर रोक दी गई। श्राइन बोर्ड के अधिकारियों का कहना है कि ऐसा भैरव घाटी मार्ग संकरा होने ओर यात्रा मार्ग पर बाढ़ से हुए नुकसान के चलते कई जगह बिजली बहाल नहीं हो पाने के चलते किया गया है।
बोर्ड के सीईओ मंदीप भंडारी ने शाम पौने चार बजे यात्रा रोके जाने के संबंध में बताया कि रोशनी कम होने से यात्रियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा जोकि सुरक्षा के लिहाज से ठीक नहीं है। इसके चलते एहतियात के तौर पर शाम को यात्रा रोक दी गई। मंगलवार सुबह फिर से यात्रा शुरू की जाएगी।
बोर्ड के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार सोमवार को 17 हजार 700 लोग कटड़ा से मां वैष्णो देवी के दर्शनों को भवन की ओर रवाना हुए। सीईओ मंदीप भंडारी के मुताबिक यात्रा मार्ग को फिर से 24 घंटे यात्रा के लिए पूरी तरह ठीक करने में दो से तीन दिन का समय लगेगा।
हालांकि, उन्होंने बताया कि भक्तों को किसी तरह की असुविधा न हो इसके लिए बोर्ड की टीमें यात्रा मार्ग पर कई जगह कैंप लगाए हुए हैं।