बताया जाता है कि अमरनाथ यात्रा के कुछ दिन रुकने के कारण नेपाल आदि देशों से यात्रियों ने वैष्णो देवी की ओर से रुख किया था। लेकिन विदेशी यात्रियों की संख्या बढ़ना वैष्णो देवी धार्मिक पर्यटन को और ऊंचाइयों तक ले जाता है। पिछले साल की तुलना में अब तक वैष्णो देवी के घरेलू यात्री भी अधिक पहुंचे हैं और आगामी माह में खासतौर पर अवकाश या दिसंबर माह में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के माता के दरबार में पहुंचने की उम्मीद है। पर्यटन विभाग के आंकड़ों के मुताबिक इससे पहले वर्ष 2018 में वैष्णो देवी में 32 हजार से अधिक, 2019 में 23 हजार से अधिक विदेशी यात्री पहुंचे थे। जबकि अगले दो साल में कोविड के कारण यह रफ्तार धीमी रही।
वैष्णो देवी के यात्री (श्राइन बोर्ड के अनुसार)
- 2017- 81.78 लाख
- 2018- 85.87 लाख
- 2019- 79.40 लाख
- 2020- 17.20 लाख
- 2021- 55.88 लाख
- 2022- 91.25 लाख
- 2023- (अगस्त तक) 65.31 लाख
सुचेतगढ़ में बढ़ रहे पर्यटक
जम्मू संभाग में धार्मिक के साथ सीमांत पर्यटन को गति मिली है। पिछले साल अक्तूबर तक सुचेतगढ़ आरएस पुरा में 172867 पर्यटक पहुंचे थे, जबकि इस साल अगस्त तक ही 217371 पर्यटन पहुंच चुके हैं और इस साल यह आंकड़ा बढ़ने की उम्मीद है। सुचेतगढ़ में भारत -पाक अंतरराष्ट्रीय सीमा पर स्थित ऑक्ट्राय पोस्ट पर रिट्रीट सेरेमनी देखने के लिए भी घरेलू और देशभर से पर्यटकों का रुझान बढ़ा है।