देश-विदेश से श्री माता वैष्णो देवी के दरबार में आने वाले भक्तों के लिए भवन क्षेत्र में दुर्गा भवन का निर्माण किया जाएगा। इस पांच मंजिला भूकंपरोधी भवन में एक साथ सैकड़ों लोगों को आवास की सुविधा मिल सकेगी। नए दुर्गा भवन में लॉकर, शौचालय, कंबल, नाश्ते और पेय पदार्थों के साथ 4 लिफ्ट की सुविधा होगी।
भवन की शीर्ष छत भवन के मौजूदा ट्रैक के स्तर पर होगी। यह भवन में मौजूदा इमारतों में सबसे बड़ा होगा और पुराने दुर्गा भवन के आकार से लगभग दोगुना होगा। इस भवन के माध्यम से अलग निकास मार्ग का प्रावधान अनुमोदित मास्टर प्लान के अनुसार रखा गया है।
उपराज्यपाल व श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड के चेयरमैन मनोज सिन्हा ने वीरवार को राजभवन में बोर्ड अधिकारियों के साथ बैठक कर मास्टर प्लान की समीक्षा की। इसमें बोर्ड के सीईओ रमेश कुमार और निष्पादन एजेंसी सीपीडब्ल्यूडी के विशेष महानिदेशक अनंत कुमार के बीच एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए।
\नई दिल्ली के स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर के प्रो. मंदीप सिंह ने भवन के मास्टर प्लान, दुर्गा भवन की मुख्य विशेषताओं, मध्यवर्ती स्थानों के लिए योजना और डिजाइन, आर्किटेक्चर कोड और इंफ्रास्ट्रक्चर से संबंधित पावर प्वाइंट प्रस्तुति दी। उपराज्यपाल ने सीईओ को दुर्गा भवन का शीघ्र और समय पर निर्माण सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
इसमें पीईआरटी चार्ट तैयार किया जाए और इसका सख्ती से पालन किया जाए। उन्होंने मास्टर प्लान का समय पर क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। स्वच्छ ऊर्जा का उपयोग करने, एसटीपी की स्थापना के लिए पर्याप्त प्रावधान होना चाहिए। दुर्गा भवन का निर्माण भवन क्षेत्र के स्वीकृत मास्टर प्लान का हिस्सा है, जिसे श्राइन बोर्ड ने भवन और विस्तारित श्राइन क्षेत्र के लिए स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर नई दिल्ली से तैयार करवाया है।