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LOC से घुसे आतंकियों के निशाने पर वैष्णो धाम

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हथियारों से लैस लश्कर के तीन आतंकी अपने नापाक मंसूबे लेकर नियंत्रण रेखा से घुस आए हैं। सभी उधमपुर तक पहुंच गए हैं। तीनों आतंकियों की तलाश में सेना और पुलिस जुट गई है। नगरोटा सैन्य ठिकाना या फिर माता वैष्णो देवी मंदिर पर हमले का अंदेशा जताया गया है।
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कटड़ा के एसएसपी सुजीत कुमार ने धर्मनगरी सहित वैष्णो देवी भवन के सुरक्षा तंत्र को पूरी तरह चौकस करने की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि संदिग्धों के टारगेट का अनुमान नहीं लगाया जा सकता।

अलबत्ता वैष्णो देवी भवन, सेना के उत्तरी कमान, राष्ट्रीय राजमार्ग जैसे प्रमुख स्थलों को अलर्ट जरूर किया गया है।खुफिया एजेंसियों से मिली जानकारी के अनुसार सोमवार तड़के तीन बजे परगवाल के गोरखा पोस्ट के सामने छोटी पानी वाली नाली से लश्कर के तीन आतंकी घुसे।
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लश्कर के लांचिंग कमांडर जन्नत गुल ने घुसपैठ में मदद की। इसी सेक्टर में पीओके की साइड तीनों आतंकी पाकिस्तान के गाइड बशीर अहमद के घर रुके। तीन बजे घुसपैठ करने के बाद वह भारतीय गाइड के घर रुके। गाइड ने उन्हें सुरक्षित उधमपुर तक पहुंचाया।

इलेक्ट्रानिक सर्विलांस यूनिट से कर रहे है ट्रेस

जिस जगह से घुसपैठ की गई है, वहां एक नाला है जिस पर तारबंदी नहीं हुई है। आतंकियों के पास भारी मात्रा में गोला बारूद होने की संभावना जताई गई है। सूत्रों का कहना है कि आतंकियों की जानकारी इलेक्ट्रानिक सर्विलांस यूनिट की मदद से मिली है। पुलिस के पास जानकारी पहुंचने के बाद सेना से संपर्क किया गया।

कटड़ा संवाददाता ने बताया कि बीती रात अखनूर क्षेत्र में कैंक पंचायत अंतर्गत अंदवाल गांव में तीन संदिग्धों की मौजूदगी ने धर्मनगरी सहित वैष्णो देवी भवन के सुरक्षा तंत्र को पूरी तरह चौकस कर दिया है।

सोमवार को यहां के सुरक्षा तंत्र को चौकस करने के साथ ही एसएसपी सुजीत कुमार ने आधिकारिक बैठक कर कई महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए। सूत्रों की मानें तो वैष्णो देवी भवन को आतंकियों द्वारा निशाना बनाने के लगातार इनपुट मिलते रहे हैं।

इन संदिग्धों का रुख इस ओर होने से भी इनकार नहीं किया जा सकता। सनद रहे कि वर्ष 2004 में आतंकियों ने बाण गंगा के लंगर को ग्रेनेड हमले से निशाना बनाया था। इसमें चार श्रद्धालुओं की मौत हो गई थी और कई घायल हो गए थे।

इसी क्षेत्र में दो महीने पहले बदला था कमांडर

लश्कर तोएबा ने इसी क्षेत्र में पीओके के कोटली का जिला कमांडर बदला था। कमांडर को खासकर घुसपैठ के प्लान बनाने के लिए बदला गया था। पहले यहां लश्कर का कमांडर अबु सैफुल इस्लाम था।

दो महीने पहले सैफुल्लाह को कमांडर बनाया गया। जो पढ़ा लिखा और विदेशी हथियारों की जानकारी रखता है। लश्कर के कमांडर के साथ हाफिज सईद की लगातार बात हो रही थी। इसमें सबसे अहम बात यह है कि बिना फायरिंग के चुपचाप घुसपैठ करने का प्लान तैयार किया गया।

यहीं कारण है कि अब तक घुसपैठ के लिए आतंकियों को कवर फायर देने वाली पाक सेना ने कोई हलचल नहीं की और बिना फायरिंग के आतंकियों ने घुसपैठ की।
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एलओसी से सटे गावों में दहशत

राजोरी प्रतिनिधि के अनुसार जिले की सुंदरबनी तहसील के एलओसी से सटे गांव दब्बड़ में सोमवार की सुबह उस समय दहशत फैल गई, जब कुछ लोगों ने तीन संदिग्धों को घूमते देखा। इसके बाद सुंदरबनी स्थित सेना की कालीधार ब्रिगेड ने तलाशी अभियान छेड़ दिया।

दब्बड़ से लेकर सुंदरबनी और जम्मू के अखनूर पुलिस थाने के तहत पड़ने वाले चौकी चौरा व रियासी के तहत पड़ने वाले पौनी क्षेत्रों के जंगलों को सेना के जवानों ने करीब छह घंटे तक खंगाला।

जम्मू में सेना के प्रवक्कत कर्नल मुनिष मेहता का कहना है कि पुलिस की तरफ से ऐसे इनपुट मिले हैं। सेना की तरफ से जांच की जा रही है। अभी पूरी जानकारी नहीं बताई जा सकती। मुनीष मेहता, प्रवक्ता-सेना
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