मां वैष्णो देवी की प्राकृतिक पिंडी
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माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड के पास अगले वर्ष सितंबर तक अपना आपदा प्रतिक्रिया बल (डिजास्टर रिस्पांस फोर्स) होगा। इसके साथ ही आपदा प्रबंधन के तहत इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर भी स्थापित करने की योजना है। यह जानकारी रविवार को श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सिमरनदीप सिंह ने दी।
उन्होंने बताया कि किसी भी तरह की आपदा की स्थिति में सबसे पहले पहुंचने वाले बोर्ड के कर्मचारियों का प्रशिक्षण पंजाब में राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल की सातवीं बटालियन के मुख्यालय में शुरू हो चुका है। पिछले वर्ष 86 लाख श्रद्धालु पहुंचे थे जो पिछले पांच वर्षों में सबसे ज्यादा है। बताया कि 25 कर्मचारियों के पहले जत्थे का छह हफ्ते का प्रशिक्षण 18 मई को शुरू हुआ और यह लगभग पूरा होने वाला है।
मंदिर का अपना आपदा प्रतिक्रिया बल बनाने के लिए 180 कर्मचारियों को प्रशिक्षण देने की योजना बनाई जा रही है। उन्होंने कहा कि पहाड़ी इलाके को ध्यान में रखते हुए श्राइन बोर्ड और एनडीआरएफ ने इस वर्ष की शुरुआत में एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किया था। हमारे जिन कर्मचारियों की सेवा 15 से 20 वर्ष बची हुई है और जो तंदुरुस्त हैं, उन्हें प्रशिक्षण दिया जाएगा। इन कर्मचारियों में सुरक्षा, चिकित्सा एवं सहयोग शाखा, सफाईकर्मी, रिसेप्शनिस्ट, सेल्समैन और खानपान सेवा शाखा के लोग शामिल होंगे।
बताया कि एनडीआरएफ की ओर से कर्मचारियों को निशुल्क प्रशिक्षण दिया जा रहा है ताकि कर्मचारी भूकंप, भूस्खलन, आग या अन्य किसी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई कर सकें। एनडीआरएफ की ओर से बोर्ड की ओर से ट्रैक तथा भवन के इलाके में की गई आपदा प्रबंधन का आडिट कराया गया है। जहां जरूरत होगी वहां नए उपकरण तथा अन्य संसाधन लगाए जाएंगे। गत मार्च महीने में एनडीआरएफ की ओर से यात्रा ट्रैक पर मॉक ड्रिल भी किया गया था ताकि तैयारियों का आकलन किया जा सके।