श्री माता वैष्णो देवी भवन के पास भगदड़ से हुए हादसे के बाद यात्रा अपने सामान्य स्वरूप में लौट आई। 31 दिसंबर और एक जनवरी की रात सवा दो बजे हादसे के तीन घंटे बाद यात्रा बहाल की गई थी। नए साल के पहले दिन 27 हजार श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। रविवार को पूरे यात्रा मार्ग में सुरक्षा बलों की अतिरिक्त तैनाती रही। खासकर यात्रा मार्ग के संकरे गलियारों में सुरक्षा कर्मी तैनात कर कतारबद्ध ही आवाजाही करने दी जा रही है।
रविवार को किसी भी यात्री को एक स्थान पर ज्यादा देर रुकने नहीं दिया गया। श्रद्धालुओं ने भी इस व्यवस्था में किसी तरह की परेशानी महसूस नहीं की। 31 दिसंबर की देर रात भवन के पास ज्यादा भीड़ एकत्रित होने के बाद भगदड़ में 12 श्रद्धालुओं की मौत हो गई थी, जबकि 16 इस हादसे में घायल हो गए।
रविवार को हरियाणा के पानीपत की रहने वाली 58 वर्षीय मोतिया रानी ने कहा कि वे अपने दो बेटों, बहुओं और पांच पोते-पोतियों के साथ दर्शन करने आई थीं। यात्रा मार्ग पर किसी तरह की समस्या पेश नहीं आई। मोतिया रानी ने कहा कि हर साल 31 दिसंबर को दर्शन के लिए आती हैं।
भगदड़ की सूचना मिलने के बावजूद उन्होंने यात्रा रद्द नहीं की। एक दिन रुकने के बाद ही सही, वे परिवार के साथ दर्शन कर लौट रही हैं। वहीं, पंजीकरण के लिए रविवार को भी कतारें लगी रहीं। गाजियाबाद यूपी के मनोज कुमार ने कहा कि हादसे का पता लगने के बावजूद उनके मन में यात्रा छोड़ लौटने का विचार नहीं आया।
हादसा दुर्भाग्यपूर्ण था। अब सब सामान्य है। लक्ष्मी नगर दिल्ली के 24 वर्षीय शुभम ने कहा कि सीआरपीएफ और पुलिस कर्मी यात्रा प्रबंधन अच्छे से संभाल रहे हैं। उन्होंने सुविधाजनक माहौल में माता के दर्शन किए।
दर्शन करो, कटड़ा चलो
श्राइन बोर्ड का अमला ‘दर्शन करो कटड़ा चलो’ कहकर श्रद्धालुओं का स्वागत कर रहा है। श्रद्धालुओं को रविवार बिना कहीं रुके सीधे कटड़ा जाने को प्रेरित किया गया। श्रद्धालुओं से हर पड़ाव पर कहा जा रहा है कि वह दर्शन करें और कटड़ा लौट जाएं।
पर्ची की कड़ी जांच, कोविड गाइडलाइन पर भी बढ़ी सख्ती
श्राइन बोर्ड ने हर स्तर पर सतर्कता इंतजाम बढ़ा दिए हैं। बाणगंगा में यात्रा पर्ची की कड़ी जांच के बाद ही आगे जाने की अनुमति मिल रही है। कोविड गाइडलाइन पर भी सख्ती बढ़ाई गई है। रविवार को एक दर्जन से अधिक श्रद्धालुओं को कोविड टेस्ट रिपोर्ट न होने पर लौटा दिया गया।
रविवार को बाण गंगा दर्शनी ड्योढ़ी पर श्राइन बोर्ड कर्मचारी हर यात्री के पंजीकरण की गंभीरता से जांच करते देखे गए। पंजीकरण पर्ची के अनुसार जितने भक्तों का पंजीकरण हुआ है, उन्हें ही तलाशी स्थल से आगे बढ़ने दिया जा रहा है।
ऑनलाइन पंजीकरण करवाने वालों को भी मोबाइल पर जारी पंजीकरण और पहचान पत्र दिखाना पड़ रहा है। यात्रियों की कोविड रिपोर्ट की जांच भी सुनिश्चित की जा रही है। भवन तक जगह-जगह जांच हो रही है। दर्शनी ड्योढ़ी, अर्द्धकुंवारी, सांझी-छत व भवन में भक्तों के सामान की जांच भी ज्यादा कड़ी कर दी गई है। संवाद