जम्मू-कश्मीर में इस साल घुसपैठ में बढ़ोतरी हुई है। दिलचस्प और चिंताजनक पहलु यह है कि आतंकी घुसपैठ करने के लिए अब पुराने रूट का इस्तेमाल करने लगे हैं।
कश्मीर घाटी में वर्ष 1947 में कबायलियों ने जिस रूट से घुसपैठ की थी, उसी रूट का घुसपैठ के लिए भरपूर उपयोग हो रहा है। बीते छह महीनों में करीब 100 आतंकी इन्हीं रूट से घुसपैठ कर चुके हैं। घुसपैठ के बाद आतंकी दक्षिण कश्मीर की तरफ जा रहे हैं।
काउंटर इनफिल्ट्रेशन ग्रिड (सीआईजी) के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार प्रतिबंधित लश्कर ए तैयबा, जैश ए मोहम्मद संगठन के करीब 100 आतंकी इस साल में अलग-अलग रूट से घाटी में घुसपैठ कर चुके हैं।