श्रीनगर। जब तक शिक्षक ईमानदारी से अपनी जिम्मेदारी नहीं निभाएंगे तब तक बुनियादी और तकनीकी सुविधा कारगर नहीं होगी। छात्रों को पढ़ाने में शिक्षकों के समर्पण और रचनात्मकता का कोई विकल्प नहीं है। स्कूल में शिक्षकों द्वारा देर से आना, निजी कार्य के लिए बगैर अनुमति के बाहर चले जाना आदि लापरवाही की पहचान के लिए आईटी उपकरणों का प्रयोग करें। जेके अटेंडेंस एप से 1.14 लाख कर्मचारी अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं। शिक्षकों का वेतन बनाते समय उनकी उपस्थिति और वैध रूप से ली गई छुट्टियों को भी जोड़ा जाए।
यह बातें मुख्य सचिव अटल डुल्लू ने कही। वह शनिवार को केंद्र शासित प्रदेश में शिक्षण परिदृश्य और अन्य शिक्षा सुधारों के कार्यान्वयन का जायजा लेने के लिए स्कूल शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता में और सुधार लाने पर ज़ोर देते हुए उन्होंने विभाग के लगभग 11,000 करोड़ रुपये के बजट को शिक्षा की गुणवत्ता के अनुरूप खर्च करने पर जोर दिया।
बोले, अधिकारी दूर-दराज के इलाकों में औचक निरीक्षण कर हकीकत जानें। विभाग की आईटी टीम को प्रत्येक स्कूल में आईटी बुनियादी ढांचे के उपयोग की दैनिक निगरानी के लिए एक डैशबोर्ड विकसित करने का निर्देश दिया। मौजूदा समय प्रदेश में 1420 सीएएल केंद्र, 2036 आईसीटी लैब और 4272 स्मार्ट क्लासरूम संचालित हैं।
व्यावसायिक शिक्षा के संबंध में मुख्य सचिव ने विभाग से व्यावसायिक शिक्षार्थियों को नौकरी मिलने तक नियमित सहायता और सहयोग प्रदान करने का आग्रह किया। अधिकारियों ने बताया कि जम्मू-कश्मीर में पीएम श्री के तहत 396 स्कूलों का चयनित हैं। विद्या समीक्षा केंद्र जम्मू में चालू हो गया है। अब तक वहां से चार चैट बॉट (स्मार्ट अटेंडेंस जम्मू-कश्मीर, जम्मू-कश्मीर स्टडी बडी, फील्ड मॉनिटरिंग बॉट, जम्मू-कश्मीर पैरेंट पल्स बॉट) शुरू किए जा चुके हैं।
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प्रदेश में 15550 प्री-प्राइमरी स्कूल शुरू करने की योजना
मुख्य सचिव को अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश में 15,550 स्कूलों में प्री-प्राइमरी कक्षाएं शुरू करने की योजना है। ईसीसीई सेक्शन वाले स्कूलों में 13,804 एएवाईए/ सहायिकाओं को नियुक्त किया गया है। सचिव एसईडी राम निवास शर्मा ने बताया कि विभाग के मामलों के प्रबंधन के लिए 20 जिलों को 188 शिक्षा क्षेत्रों में बांटा गया है। उन्होंने यह भी बताया कि प्रदेश में साक्षरता दर (केंद्र शासित प्रदेश, एनएसओ सर्वेक्षण 2017) 77.30% दर्शाई गई है। बताया कि जम्मू-कश्मीर में कुल 24,137 स्कूल हैं जिसमें 18,724 सरकारी और 5,413 निजी व अन्य हैं। इनमें प्राथमिक से उच्चतर माध्यमिक स्तर तक कुल 2,617,817 छात्र जिसमें सरकारी संस्थानों में 1356838 और निजी संस्थानों में 1260979 नामांकित हैं।
प्रत्येक छात्र पर एक लाख रुपये सलाना खर्च हो रहा है
बैठक में यह भी बताया गया कि वित्त वर्ष 2025-26 के लिए विभाग के लिए कुल बजट आवंटन 11,356.43 करोड़ रुपये (केंद्र शासित प्रदेश के पूंजीगत व्यय और सीएसएस सहित) है, जिसमें कुल स्वीकृत बजट 13,492.27 करोड़ रुपये है। अधिकारियों ने बताया कि एक सरकारी स्कूल में नामांकित प्रत्येक छात्र पर लगभग एक लाख रुपये प्रति वर्ष खर्च होता है, जो राष्ट्रीय औसत से काफी अधिक है।