राज्य विधानसभा के बजट सत्र की सोमवार को हंगामेदार शुरूआत हुई। कश्मीर हिंसा पर विपक्ष ने जमकर हंगामा किया। नेकां-कांग्रेस सदस्यों ने राज्य तथा केंद्र सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। राष्ट्रगान के दौरान भी विपक्षी सदस्यों का हल्ला गुल्ला नहीं थमा। विपक्षी सदस्यों के शोर शराबे को देखते हुए राज्यपाल ने अपना अभिभाषण 10 मिनट में ही समाप्त कर दिया।
अभिभाषण शुरू होने से पहले ही विपक्षी सदस्यों ने हंगामा तथा नारेबाजी शुरू कर दी थी। नारे लिखी तख्तियां लेकर वे लहरा रहे थे। विपक्ष लगातार वेल की ओर बढ़ने की कोशिश कर रहा था, लेकिन मार्शलों की कड़ी घेरेबंदी से वे आगे नहीं बढ़ सके। राज्यपाल के सेंट्रल हॉल में पहुंचते जैसे ही राष्ट्रगान शुरू हुआ तब भी विपक्षी सदस्यों ने नारेबाजी बंद नहीं की। राष्ट्रगान के बाद राज्यपाल ने अभिभाषण शुरू किया तब भी विपक्ष लगातार नारेबाजी करता रहा।
सदस्य मेजों पर चढ़कर नारेबाजी करने लगे। स्टॉप किलिंग, रिवोक पीएसए, स्टॉप टेलिंग लाय, वेयर इज पालिटिकल डायलॉग तख्तियां लहराई जाने लगी। कुछ विधायकों को सदस्यों ने कंधे पर उठा लिया। हंगामा के दौरान विपक्ष की ओर से राज्यपाल आसन की ओर तख्तियां उछाली गईं। हंगामा बढ़ता देख राज्यपाल ने अपना भाषण संक्षिप्त किया और 10 मिनट में ही समाप्त कर लौट गए।
सरकार को घेरने की विपक्ष की रणनीति पर काम अभिभाषण शुरू होने से पहले ही शुरू हो गया था। सीपीआई (एम) के एमवाई तारिगामी ने दीर्घा में मार्शलों की मौजूदगी पर आपत्ति जताते हुए हंगामा शुरू कर दिया। निर्दलीय विधायक इंजीनियर रशीद ने जनमत संग्रह की मांग को लेकर विस के बाहर धरना दिया। नेकां के एमएलसी डा. वीरी नारे लिखे काले रंग का एप्रन पहनकर चले आए।