राज्य विधानसभा में बीपीएल राशन कार्ड को लेकर शनिवार को हंगामा हुआ। इस मुद्दे पर सत्ता पक्ष तथा विपक्ष दोनों सरकार के खिलाफ साथ खड़े नजर आए। सदस्यों के विरोध के बाद सीएपीडी मंत्री की ओर से ग्रामीण विकास मंत्री अब्दुल हक खान ने कहा कि सभी जिलों के डीसी को बीपीएल राशन कार्ड की गड़बड़ियों को दूर करने के आदेश दे दिए गए हैं। पूरे मामले की जांच करने को कहा गया है।
सरकार के जवाब से असंतुष्ट नेकां और कांग्रेस के सदस्यों ने सदन का बहिष्कार किया। विधानसभा में यह मुद्दा बिश्नाह के नेकां विधायक कमल वर्मा ने उठाया।
उन्होंने कहा कि बीपीएल राशन कार्ड के नाम पर उपभोक्ताओं के साथ काफी अत्याचार हो रहा है। कई ऐसे लोगों के नाम बीपीएल सूची में शामिल कर लिए गए हैं जो इस मानक को पूरा नहीं करते हैं, जबकि इस सूची से कई ऐसे लोगों के नाम काट दिए गए हैं जो वास्तव में बीपीएल का मानक पूरा करते हैं और जिनके नाम पहले भी इस सूची में थे।
कांग्रेस तथा नेकां सदस्यों ने वाकआउट किया
जम्मू-कश्मीर विधानसभा
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इस पर ग्रामीण विकास मंत्री ने बीपीएल का मानक सदन के सामने रखा लेकिन सदस्यों ने इस पर आपत्ति जताई। पीडीपी विधायक यावर मीर ने कहा कि मंत्री की ओर से बताया गया मानक उचित नहीं है।
सरकार कहती है कि बीपीएल सूची से वैसे लोगों को हटा दिया गया है जिनके पास 80 कनाल जमीन है, लेकिन 75 कनाल वाले को शामिल कर लिया गया है। यह कहां का न्याय है। भाजपा विधायक आरएस पठानिया ने आपत्ति जताते हुए कहा कि बीपीएल सूची के विषय में लोगों को जानकारी तक नहीं हो पाती है।
हर पंचायत को चाहिए कि वह बीपीएल की लिस्ट प्रकाशित करे। विधायक मोहम्मद हकीम यासीन ने कहा कि बीपीएल सूची बनाने में संबंधित डीसी की मनमानी चलती है। जिसे वह चाहता है उसका नाम शामिल कर लिया जाता है और जिसे हटाना चाहता है उसका नाम काट देता है।
सदस्यों की आपत्ति के बाद ग्रामीण विकास मंत्री ने कहा कि हर पंचायत तथा सार्वजनिक वितरण दुकानों पर बीपीएल सूची चस्पा किया जाए। इसके बाद भी कोई समस्या हो तो संबंधित डीसी तथा तहसीलदार से इसकी शिकायत की जा सकती है।
उन्होंने पूरे मामले की जांच का सभी डीसी को आदेश दिया। मंत्री के जवाब से संतुष्ट न होने के बाद कांग्रेस तथा नेकां सदस्यों ने वाकआउट किया। इनमें कांग्रेस के जीएम सरूरी, उस्मान मजीद, नेकां के मोहम्मद अकबर लोन, मियां अल्ताफ सहित अन्य सदस्य शामिल थे।