साध्वी प्राची के मुसलमान मुक्त भारत संबंधी विवादास्पद बयान पर वीरवार को राज्य विधानमंडल के दोनों सदनों में जमकर हंगामा हुआ। विधान परिषद में विपक्ष ने इस मुद्दे पर निंदा प्रस्ताव पेश किया और वाकआउट भी किया। विधानसभा में भी विपक्ष ने सरकार को घेरा।
विधान परिषद की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष ने साध्वी प्राची के बयान पर चेयरमैन के सामने निंदा प्रस्ताव पेश किया। लेकिन, उसे पीठासीन अध्यक्ष ने अनुमति नहीं दी। इस पर विपक्ष ने वाकआउट कर दिया।
नेकां के एमएलसी बशीर अहमद वीरी ने कहा कि हमने साध्वी प्राची के बयान पर वाकआउट किया, जिसमें उन्होंने मुसलमान मुक्त भारत की बात की है। उन्होंने कहा कि हम चाहते थे कि हाउस की ओर से निंदा प्रस्ताव पारित किया जाए, ताकि भविष्य में ऐसी बयानबाजी न हो। लेकिन ऐसा नहीं किया गया।
विधानसभा में भी विपक्ष ने इस मुद्दे पर सरकार को घेरा। जैसे ही स्पीकर कवींद्र गुप्ता ने सुबह सदन की कार्यवाही शुरू करने के आदेश दिए, तो नेशनल कांफ्रेंस और कांग्रेस के सदस्यों के अलावा सीपीआई (एम) के विधायक मोहम्मद यूसुफ तारिगामी और निर्दलीय विधायक इंजीनियर रशीद अपनी सीटों पर खड़े होकर साध्वी प्राची द्वारा दिए गए बयान का विरोध करने लगे।