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रबी की फसलों पर बेमौसम बारिश का कहर

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बेमौसम बारिश रबी की फसलों पर कहर बनकर टूटी हुई है। इससे किसानों में हाहाकार मच गया है। कृषि विश्वविद्यालय और कृषि विभाग ने 60 फीसदी फसल नष्ट होने का दावा किया है।
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पूरे नुकसान के आकलन की कवायद शुरू कर दी है। लगातार होने वाली बारिश से पानी फसलों के ऊपर से निकल रहा है। किसानों की अर्थव्यवस्था को बारिश की इस तबाही से झटका लगा है।

खासकर तवी किनारे की भूमि और भारत-पाक अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर स्थित भूमि पर फसल नष्ट होने से किसानों को दोहरी मार पड़ी है।

रबी की स्थिति
जम्मू संभाग में 2.75 लाख हेक्टेयर पर गेहूं की फसल होती है। पूरे संभाग में 4 लाख टन रबी की फसलों (गेहूं और सरसों) की पैदावार वार्षिक होती है।

इसमें से दो लाख टन समतल क्षेत्र में होती है, जो इस बार नहीं होगी। कठुआ, सांबा और जम्मू जिलों की एक लाख हेक्टेयर भूमि पर लगी 2 लाख टन से अधिक की फसल नष्ट हो चुकी है।
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रबी बीमा योजना में पंजीकृत नहीं

राज्य में फसल बीमा योजना शुरू की गई। इसके तहत खरीफ फसलों को ही पंजीकृत किया गया, रबी फसलों को नहीं। इस पर किसानों ने कड़ी आपित्त जताई है।

कृषि विशेषज्ञ की राय
शेर-ए-कश्मीर कृषि एवं तकनीक विज्ञान विश्वविद्यालय के रिसर्च विभाग के निदेशक जेपी शर्मा ने कहा है कि बारिश ने 60 फीसदी फसलों को नष्ट कर दिया है।

मार्च महीने में लगातार बारिश होती रही है। इससे पानी खेतों से सूखा ही नहीं। सरकार को इसकी रिपोर्ट सौंप दी जाएगी।

आकलन में जुटा विभाग
कृषि विभाग के निदेशक एसएस जंबाल का कहना है कि अभी 50 से 60 फीसदी तक नुकसान की सूचना है। कठुआ, सांबा और जम्मू तीनों जिलों में सबसे अधिक नुकसान है।

नुकसान के आकलन के अधिकारियों को निर्देश  दिए हैं। एक-दो दिन में आंकड़ा सामने आ जाएगा।
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जल्द मुआवजे की मांग

राज्य किसान संघ के चेयरमैन राजेश शर्मा का कहना है कि किसानों की सौ फीसदी फसल नष्ट हो गई है। बाढ़ और पाक गोलाबारी से भी फसल प्रभावित हुई, जिसका मुआवजा नहीं मिला।

संघ के प्रधान तेजिंद्र सिंह का कहना है कि सरकार जल्द किसानों को नकद मुआवजा दे।

राजस्व विभाग को टीमें बनाने के निर्देश जारी कर दिए गए। टीमें प्रभावित इलाकों का दौरा करेंगी और नुकसान का आकलन कर रिपोर्ट तैयार करेंगी। इस रिपोर्ट के आधार पर किसानों को मुआवजा दिया जाएगा।

पिछले साल बाढ़ और पाक गोलाबारी से प्रभावित किसानों को हुए नुकसान का मुआवजा भी जल्द दिया जाएगा। सरकार के पास फंड नहीं है, इसके लिए केंद्र से फंड मांगा है।
कृषि मंत्री, गुलाम नबी लोन
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