पटरी से उतरी
कश्मीर की आर्थिक स्थिति को उबारने के लिए पर्यटन विभाग ने कमर कस ली है।
वर्ष 2015 में पीक सीजन के सहारे कश्मीर की तकदीर बदलने की कोशिश है। इस
दिशा में कई सारे कदम उठाए गए हैं। घरेलू और विदेशी पर्यटकों को अधिक से
अधिक कश्मीर में खींचने की तैयारी की गई है।
कश्मीर पर्यटन विभाग के
निदेशक, फारूक शाह ने ‘अमर उजाला’ को इसकी जानकारी देते हुए बताया कि इस
साल कश्मीर में पर्यटकों का नया रिकार्ड बनाने की कोशिश है। इसे देखते हुए
कई योजनाएं बनाई गई हैं, जिनको लागू किया जाएगा। पिछले साल कश्मीर में 12
लाख पर्यटक आए थे। विभाग इस साल इस आंकड़े को 15 लाख तक पहुंचाने की कोशिश
करेगा।
पिछले साल बाढ़ आने की वजह से देशभर में एक संदेश चला गया कि
कश्मीर में पर्यटन के ढांचे को नुकसान पहुंचा है। 10 फीसदी ही पर्यटन
ढांचे को नुकसान पहुंचा है, बाकी सब ठीक है। लोगों को विश्वास दिलाया जा
रहा कि कश्मीर में सब कुछ ठीक है और पर्यटकों को किसी प्रकार की कोई समस्या
पेश नहीं आएगी।