मार्केट का कोई सिस्टम न होने से किसानों की कमर टूट गई है। सब्जियां कोढ़ियों के भाव बिक रही हैं। पिछले साल सब्जियों के दाम इतने ऊपर थे कि इस साल किसानों ने सब्जियों की खूब पैदावार की। इस उम्मीद में कि उन्हें अच्छे दाम मिलेंगे, लेकिन अच्छे तो दूर, लागत के हिसाब से भी वसूली नहीं हो रही।
मार्केट में फूल गोभी रिटेल में पांच रुपये प्रति किलो बिक रही है। थोक मंडी में 3 रुपये किलो और किसान से दो रुपये प्रति किलो गोभी बिक रही है, जबकि किसानों की लागत ही गोभी पर प्रति किलो 8 से 10 रुपये की है। यही नहीं, पिछले साल पूरे सीजन 30 रुपये प्रति किलो तक बिकने वाला मटर इस साल दस रुपये प्रति किलो रिटेल में बिक रहा है, जबकि मंडी में यह 6 से 7 रुपये लिया जा रहा है।
किसानों को 3 से 4 रुपये प्रति किलो मटर बेचना पड़ रहा है। इसके अलावा कड़म, पालक, गाजर की कीमतें भी रिटेल में 10 से 20 रुपये के बीच हैं। हर साल महंगी बिकने वाली मशरूम भी 70 से 80 रुपये प्रति किलो रिटेल में बिक रही है। मंडी में यह रेट 50 से 60 और किसानों को 30 से 40 रुपये बेचनी पड़ रही है।