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सब्जियां अब तक के सबसे न्यूनतम दाम पर

Fri, 06 Jan 2017 11:28 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/जम्मू
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सब्जी की दूकान पर रखीं सब्जियां। - फोटो : File Photo
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मार्केट का कोई सिस्टम न होने से किसानों की कमर टूट गई है। सब्जियां कोढ़ियों के भाव बिक रही हैं। पिछले साल सब्जियों के दाम इतने ऊपर थे कि इस साल किसानों ने सब्जियों की खूब पैदावार की। इस उम्मीद में कि उन्हें अच्छे दाम मिलेंगे, लेकिन अच्छे तो दूर, लागत के हिसाब से भी वसूली नहीं हो रही।
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मार्केट में फूल गोभी रिटेल में पांच रुपये प्रति किलो बिक रही है। थोक मंडी में 3 रुपये किलो और किसान से दो रुपये प्रति किलो गोभी बिक रही है, जबकि किसानों की लागत ही गोभी पर प्रति किलो 8 से 10 रुपये की है। यही नहीं, पिछले साल पूरे सीजन 30 रुपये प्रति किलो तक बिकने वाला मटर इस साल दस रुपये प्रति किलो रिटेल में बिक रहा है, जबकि मंडी में यह 6 से 7 रुपये लिया जा रहा है।

किसानों को 3 से 4 रुपये प्रति किलो मटर बेचना पड़ रहा है। इसके अलावा कड़म, पालक, गाजर की कीमतें भी रिटेल में 10 से 20 रुपये के बीच हैं। हर साल महंगी बिकने वाली मशरूम भी 70 से 80 रुपये प्रति किलो रिटेल में बिक रही है। मंडी में यह रेट 50 से 60 और किसानों को 30 से 40 रुपये बेचनी पड़ रही है। 
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अधिक पैदावार का खामियाजा

vegetables - फोटो : File Photo
पिछले साल सब्जियों के अधिक दामों की वजह से किसानों ने इस साल सब्जियों पर अधिक ध्यान दिया, लेकिन उन्हें नहीं पता था कि मार्के ट के सिस्टम के बीच उनकी पैदावार दम तोड़ जाएगी। किसानों को मिलने वाला लाभ बिचौलिये ले रहे हैं। इससे किसानों के हाथ फसलों की लागत भी नहीं पहुंच पा रही। 

ओपन मंडी लगाने का सुझाव
राज्य किसान बोर्ड ने किसानों की इस हालत पर गंभीरता दिखाई है। बोर्ड के उप चेयरमैन और राज्यमंत्री दलजीत सिंह चिब का कहना है कि बोर्ड ने सरकार को सलाह दी है कि दो दिन के लिए ओपन मार्केट लगाई जाए। जहां किसान सीधा आकर अपनी सब्जियां बेचें। इससे वे बिचौलियों से बच सकेंगे, क्योंकि उनका फायदा बिचौलिये ले रहे हैं। 

विशेषज्ञों की राय
शेर-ए-कश्मीर कृषि एवं तकनीकी विज्ञान विश्वविद्यालय के रिसर्च विभाग के निदेशक जगपाल शर्मा ने भी इस पर हैरानी व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि विभाग ने भी रिसर्च की है। पिछले पंद्रह साल में सबसे कम दाम में सब्जियां बिक रही हैं। 
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