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Exclusive: कश्मीर में फिर बनने लगे साल 2016 की हिंसा जैसे हालात

Mon, 29 May 2017 11:39 PM IST
श्रेयांश त्रिपाठी,अमर उजाला/जम्मू
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कश्मीर में तैनात जवान - फोटो : PTI
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तनाव से जूझ रही कश्मीर घाटी में पिछले कुछ दिनों से बने हालात एक बार फिर अनिश्चितता के एक और दौर की ओर इशारा करने लगे हैं। हिंसा के हालात, स्टूडेंट अनरेस्ट की स्थितियां और घाटी में लगातार फैली तनावपूर्ण शांति एक बार फिर कश्मीर के पुराने दौर की याद दिलाने लगे हैं। 
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कश्मीर घाटी के हालात एक बार फिर साल भर पहले के उन हालातों से होने लगे हैं जो कि हिजबुल कमांडर बुरहान वानी के मुठभेड़ में मारे जाने के बाद उपजे थे। पिछले कुछ दिनों से कश्मीर में लगातार हिंसक प्रदर्शनोें का दौर जारी है। 

कश्मीर घाटी के तमाम जिलों खासकर दक्षिणी कश्मीर के कई इलाकों में हिंसा की घटनाएं लगातार बढ़ती दिख रही हैं। पुलवामा डिग्री कालेज में हुए लाठी चार्ज के बाद से ही कश्मीर में सुरक्षाबलों से हिंसक झड़पों की घटनाओं में छात्रों की साफ संलिप्तता दिखने लगी है। ऐसे में कश्मीर के हालात लगातार एक ऐसे अनिश्चित दौर के तरफ जाते दिख रहे हैं जिसमें एक बार फिर तनाव की शांति एक बेहद मुश्किल वक्त की आहट दिखाने लगी है। 
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2016 में लगभग 4 महीने तक रहे थे हिंसा के हालात

कश्मीर घाटी में हिंसक प्रदर्शन - फोटो : फाइल फोटो
साल 2016 में कश्मीर अपने एक बेहद मुश्किल से वक्त से गुजर चुका है। बीते साल 8 जुलाई को त्राल में हिजबुल मुजाहिद्दीन के कमांडर बुरहान वानी के मारे जाने के बाद से कश्मीर घाटी में लगातार 4 महीनों तक तमाम इलाकों में हिंसक प्रदर्शन हुए थे। 

हिंसक प्रदर्शनों की इन घटनाओं में 80 से ज्यादा लोगों की मौत हुई थी। इसके साथ ही इन प्रदर्शनों के दौरान सैकड़ों लोग घायल हुए जिनमें बड़ी संख्या में सुरक्षाबल भी शामिल रहे। इन प्रदर्शनों के दौरान कश्मीर में तनाव का एक ऐसा माहौल उपजा जिसने इसके आम इंसान के जीवन को बेहद करीब से प्रभावित किया। 
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कश्मीर में फिर बच्चों की पढ़ाई पर संकट

कश्मीर में हिंसक प्रदर्शन - फोटो : फाइल फोटो
कश्मीर घाटी में 2016 में रहे हिंसा के हालातों में उपद्रवियों द्वारा कई स्कूलों को नुकसान पहुंचाया गया था। हिंसा के इस दौर में कश्मीर के कई स्कूलों को जलाया भी गया। कश्मीर में स्कूलों के जलाए जाने की घटनाओं के कारण आम छात्रों के शैक्षणिक कार्य बाधित हुए। 

कश्मीर में इस दौरान करीब 4 महीने तक स्कूल बंद रहे। इस कारण कश्मीर के हजारों छात्रों का भविष्य भी हिंसा के एक ऐसे दौर का शिकार हो गया जिसके कारण कश्मीर अपने एक सबसे बुरे वक्त को देख चुका था। 

कश्मीर में अब फिर हिंसा के हालात हैं। इसके साथ ही स्टूडेंट अनरेस्ट की स्थितियों में कई शिक्षण संस्थान एहतियातन बंद किए जा रहे हैं तो कुछ के छात्रों को हिंसक प्रदर्शनों में शामिल होता देखा जा रहा है। ऐसे में कश्मीर में कई आम छात्र ऐसे भी हैं जिनकी पढ़ाई हिंसा के हालातों के तनाव में प्रभावित होती दिख रही है।
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