निकाय चुनाव से दो दिन पहले आतंकियों ने शहर के करफाली मोहल्ला में तीन नेकां कार्यकर्ताओं को गोली मार दी। इसमें दो की मौत हो गई। तीसरे का अस्पताल में इलाज चल रहा है। घटना के बाद आतंकियों की तलाश में पूरे इलाके की घेराबंदी कर सर्च आपरेशन चलाया गया। पूरे शहर में चौकसी बढ़ा दी गई है। कई जगहों पर नाके भी लगा दिए गए है।
शुक्रवार सुबह करीब 11:15 बजे पुराने शहर के हब्बाकदल इलाके का करफली मोहल्ला गोलियों की गूंज से दहल उठा। पुलिस ने घटना में मरने वालों की शिनाख्त पंपोश कॉलोनी नूरबाग के नजीर अहमद और कनीकदल के मुश्ताक अहमद के रूप में की है। जबकि घायल की शिनाख्त कनीकदल के शकील अहमद के तौर पर की गई है। मारा गया नजीर हब्बाकदल की विधायक शमीमा फिरदौस का पीआरओ था। घायल शकील नेकां का पंचायत अध्यक्ष है और उसकी मोहल्ले में मीट की दुकान है।
जिस समय यह घटना घटी तीनों मीट की दुकान पर बैठे थे। मोटरसाइकिल सवार दो आतंकी दुकान के बाहर आकर रुके। इनमें एक के पास एके-47 राइफल और दूसरे के पास पिस्टल थी। दोनों ने ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। कसाई दुकान से भाग निकला जिसका पीछा उन आतंकियों ने थोड़ी दूर तक किया। इस दौरान उसकी बाजू पर गोलियां लगी और वह बच निकला। यह भी पता चला है कि मारे गए दोनों 90 के दशक में आतंकी भी रह चुके थे। हालांकि इसकी कोई आधिकारिक रूप से पुष्टि नहीं हो पाई है।
घटना के तुरंत बाद पुलिस और सीआरपीएफ ने घटनास्थल पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी। चश्मदीदों के बयान दर्ज किए गए। गोलियों की आवाज सुनने पर इस मोहल्ले की तंग गली से लोग जान बचाते भागते दिखे।
मतदान से पहले वारदात कर फैलाई दहशत
पहले चरण के लिए मतदान आठ अक्तूबर को होना है। ऐसे में माना जा रहा है कि आतंकियों की ओर से दहशत फैलाने के लिए वारदात को अंजाम दिया गया ताकि लोग चुनाव से दूर रहें। शुक्रवार को अंतिम चरण के नामांकन का आखिरी दिन भी था। इससे यह भी माना जा रहा है कि आतंकियों ने अंतिम दिन ज्यादा से ज्यादा लोगों के नामांकन वापस लेने के लिए दबाव बनाने के लिए यह कार्रवाई की।
फारूक, उमर व महबूबा ने की निंदा
नेकां कार्यकर्ताओं की हत्या की पार्टी प्रमुख फारूक अब्दुल्ला, उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला सहित पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने कड़ी निंदा की है।
पीडीपी ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर कहा कि आम जनता के मुद्दों को उठाने वाले राजनीतिक कार्यकर्ताओं पर हमला पूरी तरह से भयावह है। इसके साथ ही यह विदेशी तत्वों का संकेत है जो कश्मीर के चरित्र को गलत तरीके से प्रस्तुत कर रहे हैं। पार्टी ने निर्मम हत्या की निंदा की और शोकसंतप्त परिवारों के प्रति संवेदना जताई। पीडीपी अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने भी हत्याओं की निंदा की। नेकां ने अपने दो कार्यकर्ताओं की हत्या को बर्बर बताया।
पार्टी ने ट्वीट किया कि पार्टी अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला और उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला ने दो कार्यकर्ताओं की बर्बर हत्या पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उमर ने अलग से भी ट्वीट कर घटना की निंदा की और कहा कि अल्लाह उन्हें जन्नत नसीब करे। उन्होंने घायल कार्यकर्ता शकील अहमद गनी के जल्द स्वस्थ होने की कामना की।