बाढ़ से चट्ठा में कृषि विश्वविद्यालय को भी काफी नुकसान पहुंचा है। लैब सहित कई प्रयोगशाला में सामान पूरी तरह से खराब हो गए हैं। इससे विद्यार्थियों की शिक्षा प्रभावित हो रही है। कंप्यूटर में रखा बीस वर्ष का डाटा भी बाढ़ की भेंट चढ़ गया है।
यही नहीं एक्सचेंज रूम से लेकर दूसरे भवनों में पांच फूट तक पानी भरने से बिजली सेवा भी ठप है। जनरेटर भी खराब हो चुके हैं। सड़क भी खस्ताहाल स्थिति में पहुंच गई है।
विश्वविद्यालय प्रबंधन द्वारा भवनों में भरा पानी निकालने के साथ दूसरी सेवाएं बहाल करने के लिए कार्य चल रहा है। बिलोल के किनारे भवन होने के कारण काफी नुकसान पहुंचा है। वर्तमान में वहां पेयजल की भी समस्या बन गई है।