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Amarnath Yatra: गृह मंत्री शाह ने की उच्च स्तरीय बैठक, यात्रियों को RFID कार्ड और 5 लाख रुपये के बीमे का एलान

सार

वार्षिक अमरनाथ तीर्थयात्रा दो साल के अंतराल के बाद 30 जून को शुरू होने जा रही है। मंगलवार को गृह मंत्री अमित शाह ने यात्रा की सुरक्षा तैयारियों की समीक्षा की।
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केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सुरक्षा बलों को जम्मू-कश्मीर में समन्वित आतंकवाद विरोधी अभियान सक्रिय रूप से चलाने का मंगलवार को निर्देश दिया। उन्होंने जम्मू-कश्मीर में मौजूदा स्थिति का आकलन करने के लिए सुरक्षा प्रतिष्ठान के शीर्ष अधिकारियों के साथ लगातार तीन बैठकें कीं।
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अधिकारियों ने बताया कि हाल में नागरिकों की हत्या की घटनाओं और आगामी अमरनाथ यात्रा को लेकर इन बैठकों में चर्चा की गई। उन्होंने बताया कि अमरनाथ यात्रा के लिए जम्मू कश्मीर प्रशासन अब प्रत्येक तीर्थयात्री को ‘रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन कार्ड’ (आरएफआईडी) प्रदान करेगा।

गृहमंत्री ने की तीन बैठकें
जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा और केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला के साथ-साथ वरिष्ठ अधिकारियों ने भी तीनों बैठकों में शिरकत की। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल, सेना प्रमुख जनरल मनोज पांडे और जम्मू-कश्मीर के पुलिस प्रमुख दिलबाग सिंह तीर्थयात्रा को लेकर सुरक्षा व्यवस्था पर चर्चा करने के लिए इन बैठकों में शामिल हुए।
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यात्रियों को दिया जाएगा RFID कार्ड और 5 लाख रुपये का बीमा 
केन्द्रीय गृह मंत्रालय ने बाद में जम्मू-कश्मीर के मुख्य सचिव के हवाले से बताया कि प्रत्येक तीर्थयात्री को आरएफआईडी प्रदान किया जाएगा और पांच लाख रुपये का बीमा किया जाएगा। एक आधिकारिक प्रवक्ता ने एक बयान में कहा कि शाह ने सुरक्षा बलों और पुलिस को आतंकवाद रोधी समन्वित अभियान को सक्रिय रूप से चलाने का निर्देश दिया।

सीमा पार से न हो घुसपैठ की एक भी घटना 
शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के समृद्ध और शांतिपूर्ण जम्मू-कश्मीर के सपने को पूरा करने और आतंकवाद का सफाया करने के लिए सुरक्षा बलों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि सीमा पार से घुसपैठ की एक भी घटना नहीं हो। उन्होंने कहा कि तीर्थयात्रियों के लिए बिना किसी परेशानी के यात्रा संपन्न कराना केंद्र सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने निर्देश दिया कि अतिरिक्त बिजली, पानी और दूरसंचार सुविधाओं सहित सभी व्यवस्था की जाए।

यात्रा मार्ग पर मोबाइल ‘कनेक्टिविटी’ बढ़ाने पर भी जोर
गृह मंत्री ने यात्रा मार्ग पर मोबाइल ‘कनेक्टिविटी’ बढ़ाने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि कोविड-19 महामारी के बाद यह पहली यात्रा है और ऊंचाई अधिक होने के कारण जिन यात्रियों को स्वास्थ्य संबंधी कोई समस्या है, उनके लिए पर्याप्त व्यवस्था करनी होगी।

श्री अमरनाथ यात्रा इस बार 30 जून से शुरू होने जा रही है। यह यात्रा दो साल बाद शुरू होने जा रही है। यात्रा को सुलभ बनाने के लिए जम्मू कश्मीर शासन और प्रशासन लगातार प्रयासरत है। बाबा अमरनाथ की गुफा दक्षिण कश्मीर में 3,888 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। यात्रा वर्ष 2021 और 2020 में कोरोना वायरस संक्रमण के कारण नहीं हो सकी थी। वहीं, वर्ष 2019 में संविधान के अनुच्छेद 370 के अधिकतर प्रावधानों को समाप्त करने से पूर्व इस यात्रा को तय समय से जल्दी खत्म कर दिया गया था।

अमरनाथ यात्रा में 800 डॉक्टर होंगे तैनात
इस साल रिकॉर्ड यात्रियों की आमद को देखते हुए सुरक्षा के साथ स्वास्थ्य प्रबंध मजबूत बनाए जा रहे हैं। शिवभक्तों की सेहत को दुरुस्त बनाए रखने के लिए यात्रा रूट पर पर्याप्त चिकित्सा स्टाफ के साथ 800 डॉक्टरों को तैनात किया जाएगा। इसके साथ यात्रा मार्ग पर राष्ट्रीय राजमार्ग से सटे चिकित्सा केंद्रों का विस्तार करने के साथ श्रम शक्ति को बढ़ाया जा रहा है। 

सुरक्षा के लिए 12,000 अर्ध सैनिक बल होंगे तैनात

जम्मू-कश्मीर के प्रवेश द्वार लखनपुर से लेकर पूरे यात्रा मार्ग पर कश्मीर संभाग तक सर्विलांस बढ़ा दी गई है। यात्रा के दौरान ड्रोन से भी निगरानी रहेगी, लेकिन यात्रा शुरू होने से पहले सुरक्षा बल आतंकियों के ठिकानों का पता लगाकर उनके सफाए के लिए व्यापक पैमाने पर अभियान चला रहे हैं। इसमें आने वाले दिनों में और तेजी आएगी। अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा में 12,000 अर्ध सैनिक बलों के जवानों के साथ ही जम्मू कश्मीर पुलिस की टीम तैनात रहेगी। इस यात्रा में तीन लाख श्रद्धालुओं के शामिल होने की उम्मीद है। अमरनाथ यात्रा 11अगस्त को समाप्त होगी। 
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