बैठक में मौजूद मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और अधिकारी
- फोटो : Amar Ujala
मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने सुरक्षा एजेंसियों को आतंकवाद के खिलाफ आपरेशन के दौरान आम लोगों की सुरक्षा को यकीनी बनाने पर जोर दिया, ताकि शांति और सौहार्द का वातावरण बना रहे। नागरिक और पर्यटक स्थलों से सुरक्षा बलों की संख्या कम करने पर भी बल दिया। कहा सुशासन और विकास के एजेंडे को लागू करने के लिए यह जरूरी है।
महबूबा ने यह निर्देश श्रीनगर में यूनिफाइड हेडक्वाटर्स (यूएचक्यू) की बैठक में दिए। मुख्यमंत्री बनने के बाद यूएचक्यू की उनकी यह पहली बैठक थी। इसमें उपमुख्यमंत्री डा. निर्मल सिंह भी मौजूद थे।
बैठक में सेना, पुलिस और नागरिक प्रशासन के आला अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को राज्य की सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों की विस्तृत जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने सभी अधिकारियों मानवीय रवैया अपनाने को कहा। उन्होंने कहा कि स्टैंडर्ड आपरेशन प्रोसिड्यूर (एसओपी) का पालन हर हाल में हो। किसी भी नागरिक की मौत, राज्य में अमन बहाली के लिए अर्जित उपलब्धियों पर पानी फेर देगी।
'ऑपरेशन के दौरान संयब बरतें सुरक्षा बल'
महबूबा मुफ्ती
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उन्होंने सुरक्षा बलों से विपरीत परिस्थितियों में पूरा संयम बरतने के लिए कहा। यह भी कहा कि बेहतर तो यही है कि बंदूक उठाने वाले युवकों को घर वापसी का मौका दिया जाए। उन्होंने यूएचक्यू की अहमियत का जिक्र करते हुए कहा कि सभी सुरक्षा एजेंसियों और नागरिक प्रशासन के अधिकारियों के साथ एक मंच पर बैठकर, तालमेल के साथ आंतरिक-बाहरी सुरक्षा परिदृश्य पर चर्चा करनी चाहिए।
अमन व सुरक्षा का माहौल बनाने की रणनीति को तैयार करने का इससे ज्यादा कारगर मंच नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि अमन और विश्वास का माहौल साफ नजर आए, इसके लिए जरूरी है कि नागरिक इलाकों में सुरक्षा बलों की मौजूदगी और उनके बंकर कम से कम नजर आएं। उन्होंने राज्य के विभिन्न पर्यटन स्थलों से सुरक्षा बलों की मौजूदगी को घटाने पर जोर देते हुए कहा कि इससे पर्यटकों को भी सामान्य हालात दिखेंगे।
बैठक में मौजूद उप मुख्यमंत्री डा. निर्मल सिंह ने सुरक्षा बलों के समन्वय की सराहना करते हुए कहा कि इनके प्रयासों से ही राज्य में शांति बहाल हो पाई है। इसे बनाए रखने की जिम्मेदारी भी इनकी है। उन्होंने कहा कि अमरनाथ यात्रा को सुचारु बनाने के लिए सभी आवश्यक प्रबंध किए जाने चाहिए।
राष्ट्र विरोधी ताकतों के प्रयासों को विफल करने के लिए अधिक सतर्क रहने की जरूरत है। कहा कि एजेंडा आफ एलायंस में निर्धारित लक्ष्य तभी हासिल किए जा सकते हैं जब इसे पूरा किया जाए। उन्होंने नशाखोरी की प्रवृत्ति पर अंकुश लगाने की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि यह आतंकवाद तथा अन्य गतिविधियों से भी खतरनाक है। पुलिस तथा अन्य एजेंसियों को इस पर ध्यान देने की जरूरत है।