वर्ष 2022 में जहां जम्मू-कश्मीर में बेरोजगारी दर अपने रिकार्ड 32.8 फीसदी पर पहुंची थी, वहीं फरवरी में 13.2 फीसदी के बाद दूसरे सबसे निम्नतम स्तर 14.8 फीसदी पर रही है, जो दस साल में इतना कम रहा था।
सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकोनॉमी (सीएमआईआई) द्वारा जारी दिसंबर महीने के बेरोजगारी दर में जम्मू देश में छठे स्थान पर रहा है जो पहले तीसरे स्थान पर रहता था। बेरोजगारी दर में गिरावट से प्रदेश के बेरोजगार युवाओं में नए उम्मीद भी जागी है।
वर्ष 2022 में जम्मू-कश्मीर बेरोजगारी अपने रिकॉर्ड स्तर पर रही थी। अगस्त महीने में बेरोजगारी दर 32.8 फीसदी रही थी, जो देश में दूसरे स्थान पर थी। अगस्त के बाद हर महीने बेरोजगारी दर में गिरावट दर्ज हुई थी। सितंबर में बेरोजगारी दर में 9.6 फीसदी की गिरावट से 23.2 फीसदी रही थी।
अक्तूबर में सितंबर के मुकाबले 0.6 फीसदी की गिरावट के साथ बेरोजगारी दर 22.6 फीसदी रही थी। नवंबर में बेरोजगारी 22.4 फीसदी रही, जो दिसंबर में 7.6 फीसदी की गिरावट के साथ 14.8 फीसदी रहा है।
जो 2022 में दूसरी सबसे कम बेरोजगारी दर रहा था। बेरोजगारी दर में गिरावट के मुख्य कारणों में जम्मू-कश्मीर सेवा चयन बोर्ड जेकेएसएसबी द्वारा लंबित बड़े भर्ती परीक्षाओं के परिणाम जारी करने और भर्ती परीक्षाओं का आयोजन करना माना जा रहा है।
जम्मू-कश्मीर में युवाओं की आकांक्षाओं को पंख देने वाली मिशन यूथ के तहत भी युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ा गया।